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    Census के दौरान रहें बेहद सतर्क, गलत जानकारी देने या सहयोग से इनकार पर हो सकती है सजा

    By Vivek Rao Edited By: Dharmendra Pandey
    Updated: Mon, 09 Mar 2026 04:34 PM (IST)

    Census in UP: उम्र, पेशा, आय या परिवार के सदस्यों के बारे में गलत जानकारी देने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है। ...और पढ़ें

    सवालों का जवाब देने से इन्कार करना दंडनीय अपराध

    सवालों का जवाब देने से इन्कार करना दंडनीय अपराध

    HighLights

    1. सात मई से 21 मई तक लोगों के पास स्वगणना का विकल्प

    2. तीन वर्ष की सजा और एक हजार रुपये अर्थदंड का है प्रविधान

    राज्य ब्यूरो, लखनऊ। उत्तर प्रदेश में जनगणना-2027 की प्रक्रिया मई से शुरू होने जा रही है। पहली बार डिजिटल जनगणना में लोगों को स्वयं अपनी जानकारी आनलाइन दर्ज करने का मौका भी मिलेगा।

    इसके साथ ही एक सख्त नियम भी है जनगणना में गलत जानकारी देना या सवालों का जवाब देने से इन्कार करना दंडनीय अपराध है। जनगणना में सरकारी कर्मचारी अगर अपनी ड्यूटी में लापरवाही करते हैं, तो उनके खिलाफ भी सजा का प्रावधान है।

    ऐसे मामलों में एक हजार रुपये तक का जुर्माना और कुछ परिस्थितियों में तीन साल तक की जेल तक हो सकती है। इसी कारण अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे जनगणना में पूरी ईमानदारी से सही जानकारी दें, क्योंकि यही आंकड़े आगे चलकर सरकारी योजनाओं और विकास की दिशा तय करते हैं।

    प्रदेश में सात मई से 21 मई तक स्वगणना (सेल्फ एन्यूमरेशन) की सुविधा दी जाएगी। इस दौरान नागरिक आनलाइन माध्यम से स्वयं अपनी और अपने परिवार की जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद 22 मई से प्रगणक (एन्यूमरेटर) घर-घर जाकर जनगणना करेंगे और परिवारों से तय सवालों के आधार पर जानकारी एकत्र करेंगे। स्वगणना में एक नंबर आएगा, उस नंबर को प्रगणक से साझा करेंगे तो स्वगणना को पूर्ण माना जाएगा।

    गलत जानकारी देने पर कानूनी कार्रवाई 

    उम्र, पेशा, आय या परिवार के सदस्यों के बारे में गलत जानकारी देने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है। जनगणना अधिकारी को जानकारी न देना या उन्हें कार्य करने से रोकना भी अपराध की श्रेणी में आता है। जनगणना में एकत्र की गई जानकारी पूरी तरह से गोपनीय होती है और इसका उपयोग केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए किया जाता है, इसे किसी कोर्ट या टैक्स अथॉरिटी को सीधे नहीं दिया जा सकता है। जनगणना डिजिटल रूप से होगी, इसलिए मोबाइल ऐप पर भी सही जानकारी देना अनिवार्य है।

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    सभी को सही जानकारी देना अनिवार्य

    जनगणना अधिकारियों के अनुसार स्वगणना हो या प्रगणक की गणना, दोनों ही स्थितियों में सभी को सही जानकारी देना अनिवार्य है। जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत गलत जानकारी देना, प्रश्नों का उत्तर देने से मना करना या जनगणना अधिकारी को काम से रोकना अपराध की श्रेणी में आता है। गलत जानकारी देना, सवालों का जवाब न देना, जनगणना अधिकारी को काम से रोकना, जनगणना का फार्म न भरना या घर पर लगाए गए जनगणना चिन्ह या नंबर को हटाना जैसे मामलों में कार्रवाई की जा सकती है।

    सेंसस एक्ट 1948 के तहत एक गंभीर कानूनी अपराध

    जनगणना में जानबूझकर गलत जानकारी देना या सहयोग करने से मना करना सेंसस एक्ट 1948 के तहत एक गंभीर कानूनी अपराध है। इसके तहत एक हजार रुपया तक का जुर्माना या तीन वर्ष तक की जेल या दोनों हो सकते हैं। सही जानकारी देना अनिवार्य है क्योंकि यह सरकारी योजनाओं और संसाधनों के उचित वितरण के लिए महत्वपूर्ण है।

    वास्तविक स्थिति की होती है जानकारी

    विशेषज्ञों के अनुसार जनगणना के माध्यम से जनसंख्या, शिक्षा, आवास, स्वास्थ्य, रोजगार, सुविधाओं और संसाधनों की वास्तविक स्थिति का पता चलता है। इन्हीं आंकड़ों के आधार पर सरकार विकास योजनाएं, बजट और कल्याणकारी कार्यक्रम तैयार करती है। इसलिए सही जानकारी देना देश और प्रदेश की प्रगति के लिए बेहद जरूरी है। एक्ट के अनुसार जनगणना के दौरान दी गई व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। जनगणना अधिनियम के अनुसार अधिकारी बिना अनुमति किसी व्यक्ति की जानकारी किसी अन्य व्यक्ति या संस्था को साझा नहीं कर सकते। डिजिटल जनगणना में भी डेटा सुरक्षा के सभी मानकों का पालन किया जाएगा।

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    जागरूकता अभियान भी चलेगा

    जनगणना शुरू होने से पहले लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जाएगा। ‘प्रगति और विकास’ जैसे पात्र पर आधारित एनिमेशन वीडियो के माध्यम से भी लोगों को सही जानकारी देने और जनगणना में भागीदारी के लिए प्रेरित किया जाएगा। पहले चरण में प्रगणक परिवारों से 33 सवालों के जवाब लेंगे।

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    इनमें मकान नंबर, मकान की स्थिति, परिवार के मुखिया का नाम, घर में उपलब्ध सुविधाएं और परिसंपत्तियों से जुड़ी जानकारी शामिल होगी। हर घर की जियो-टैगिंग नहीं की जाएगी, बल्कि पूरी आबादी को समग्र रूप से टैग किया जाएगा। मोबाइल नंबर भी दे सकते हैं।