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सीएम योगी आदित्यनाथ की अमर शहीद गुलाब सिंह लोधी को श्रद्धांजलि, उनके नाम पर उन्नाव में पुलिस लाइन, पार्क व स्वास्थ्य केंद्र

Published: Sun, 23 Aug 2026 12:13 PM (IST)

Gulab Singh Lodhi: सीएम योगी आदित्यनाथ ने गुलाब सिंह लोधी को देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर ...और पढ़ें

HighLights

  1. स्वाधीनता संग्राम सेनानी अमर शहीद गुलाब सिंह लोधी के बलिदान दिवस पर लखनऊ में कार्यक्रम

  2. 500 करोड़ रुपये खर्च महान सेनानियों व बलिदानियों की स्मृतियों को जीवंत कर रही सरकार: योगी आदित्यनाथ

जागरण संवाददाता, लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लखनऊ में स्वाधीनता संग्राम सेनानी शहीद गुलाब सिंह लोधी के 91वें बलिदान दिवस पर उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने उनको देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर मा भारती की आन-बान और शान को अक्षुण्ण रखने वाला अमर सेनानी बताया। उनके बलिदान दिवस पर मुख्यमंत्री ने उन्नाव में पार्क, स्वास्थ्य केंद्र एवं पुलिस प्रशिक्षण केंद्र का नामकरण महान बलिदानी के नाम पर कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को अमीनाबाद के ऐतिहासिक झंडेवाला पार्क पहुंच अमर शहीद गुलाब सिंह लोधी को उनके 91वें बलिदान दिवस पर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुलाब सिंह लोधी ने ब्रिटिश हुकूमत को चुनौती देते हुए भारत की आजादी और तिरंगे की शान के लिए मात्र 32 वर्ष की उम्र में अपने प्राण न्योछावर कर दिए। वह शहीद तो हो गए, लेकिन स्वतंत्र भारत के स्वर्णिम इतिहास में अपना नाम हमेशा के लिए दर्ज करा गए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 23 अगस्त 1935 को गुलाब सिंह लोधी ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ साहस का ऐसा उदाहरण पेश किया, जिसे देश कभी भुला नहीं सकता। भारत का तिरंगा फहराने के लिए उन्होंने इस पार्क में पेड़ पर चढ़कर अंग्रेजी हुकूमत को खुली चुनौती दी थी। तिरंगा फहराने से बौखलाए एक ब्रिटिश अधिकारी ने उन पर गोलियां चलवा दीं। देशभक्ति के जज्बे से भरे गुलाब सिंह लोधी ने हंसते-हंसते अपने प्राणों की आहुति दे दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गुलाब सिंह लोधी भले ही देश की आजादी देखने के लिए जीवित नहीं रहे, लेकिन उनका बलिदान व्यर्थ नहीं गया। उनकी शहादत के मात्र 12 वर्ष बाद भारत ब्रिटिश हुकूमत की गुलामी से आजाद हो गया। उन्होंने कहा कि आज हम सभी उनके 91वें बलिदान दिवस पर एकत्र होकर उस महान क्रांतिकारी को नमन कर रहे हैं, जिसने व्यक्तिगत जीवन से ऊपर देश को रखा।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 1903 में उन्नाव के एक साधारण परिवार में जन्मे गुलाब सिंह लोधी के भीतर बचपन से ही देश की आजादी का अदम्य जज्बा था। सामान्य पारिवारिक पृष्ठभूमि के बावजूद उनके मन में मातृभूमि की स्वतंत्रता सर्वोपरि थी। यही जज्बा उन्हें आजादी के आंदोलन की राह पर ले गया और अंततः देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने को प्रेरित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी की लड़ाई में अनेक ऐसे वीरों और सामाजिक महापुरुषों का योगदान रहा है, जिनके जीवन, संघर्ष और आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना आवश्यक है। उत्तर प्रदेश सरकार इसी सोच के साथ सामाजिक न्याय और सामाजिक समरसता के लिए महापुरुषों के जीवन-दर्शन को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार बाबा साहब भीमराव आंबेडकर, संत रविदास, महर्षि वाल्मीकि सहित अन्य महान विभूतियों के जीवन, संघर्ष और विचारों से जुड़े स्मारकों, परियोजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यों पर लगभग 500 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इसका उद्देश्य सामाजिक न्याय के संदेश को मजबूत करना और समाज के वंचित वर्गों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अमर शहीद गुलाब सिंह लोधी का बलिदान देशभक्ति, साहस और राष्ट्र के प्रति समर्पण की प्रेरणा देता है। नई पीढ़ी को उनके जीवन से यह सीख लेनी चाहिए कि देश और समाज के हित के लिए निस्वार्थ भाव से किया गया कार्य कभी व्यर्थ नहीं जाता। इससे पूर्व झंडेवाला पार्क में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने अमर शहीद की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस दौरान उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, मेयर सुषमा खर्कवाल समेत तमाम लोग मौजूद रहे।

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