खाद की जमाखोरी-कालाबाजारी पर करें प्रभावी नियंत्रण: सीएम योगी आदित्यनाथ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उर्वरकों की जमाखोरी, कालाबाजारी और डायवर्जन पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं, साथ ही किसानों ...और पढ़ें

HighLights
मुख्यमंत्री ने दिए उर्वरकों के संतुलित उपयोग और जैविक विकल्पों को बढ़ावा देने के निर्देश
जून से ब्लाक स्तर पर साप्ताहिक चौपाल के साथ किया जाएगा किसान मेलों का आयोजन
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उर्वरकों की जमाखोरी, कालाबाजारी और डायवर्जन पर प्रभावी नियंत्रण रखने के निर्देश दिए हैं। हाल ही में कृषि विभाग द्वारा 4025 छापे मारे गए हैं और 81 लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। जबकि नौ एफआइआर दर्ज हो चुकी हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को आवश्यकता के हिसाब से खाद उपलब्ध कराई जाए। संतुलित उर्वरक उपयोग और जैविक विकल्पों को बढ़ावा दिया जाए। मुख्यमंत्री ने जून से सभी विकास खंडों में लगने वाली साप्ताहिक चौपाल के साथ किसान मेला के आयोजन के भी निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने सोमवार को कृषि विभाग की प्रस्तावित कार्ययोजनाओं की समीक्षा की। बैठक में बताया गया कि खरीफ-2026 में 110.65 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल और 302.62 लाख टन उत्पादन का लक्ष्य है। धान उत्पादन का लक्ष्य 224.25 लाख टन है, जबकि बाजरा, मक्का, अरहर और मूंगफली के उत्पादन में भी वृद्धि का प्रयास होगा। 2.29 लाख क्विंटल बीज वितरण किया जाएगा, जिसमें 24 मई तक 1.26 लाख क्विंटल बीज उपलब्ध कराया जा चुका है।
वहीं 24 मई तक प्रदेश में 36.44 लाख टन उर्वरक उपलब्ध रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज, उर्वरक आदि समय से उपलब्ध कराएं। दलहन, तिलहन और श्रीअन्न की खेती को प्रोत्साहित किया जाए। किसानों को टेक्स्ट मैसेज, इंटरनेट मीडिया, दूरदर्शन, आकाशवाणी और अन्य माध्यमों से तकनीकी सलाह उपलब्ध कराई जाए। कम अवधि और सूखा सहनशील प्रजातियों को बढ़ावा दिया जाए।
बैठक में बताया गया कि प्रदेश के 18 से 20 जिले सूखे की दृष्टि से संवेदनशील हैं। धान एवं मूंगफली के लगभग 10 लाख हेक्टेयर क्षेत्र के प्रभावित होने की आशंका के चलते दलहन, तिलहन और श्रीअन्न फसलों के अतिरिक्त बीजों की व्यवस्था की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सूखा संभावित क्षेत्रों के लिए कार्ययोजना तैयार रखी जाए। आवश्यकता पर किसानों को वैकल्पिक फसलों के बीज उपलब्ध कराए जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो की तरह कृषि विभाग को भी अपनी विशेषताओं की अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी लगानी चाहिए। उन्होंने सीड पार्क योजना पर भी तेजी से काम के भी निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने मक्का उत्पादन को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। बताया गया कि 2026-27 में मक्का क्षेत्रफल 11.39 लाख हेक्टेयर रहने है और वर्ष 2027-28 तक 32.84 लाख टन उत्पादन का लक्ष्य है। वहीं बुंदेलखंड में गो आधारित प्राकृतिक खेती कार्यक्रम के तहत वर्ष 2025-26 में 23,500 हेक्टेयर में रसायन मुक्त खेती की गई और 21,934 किसानों को प्रशिक्षण दिया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पात्र किसानों को योजनाओं का लाभ समय से उपलब्ध कराया जाए तथा बीमा दावों के निस्तारण में तेजी लाई जाए। अधिकारियों ने बताया कि 24 मई तक 2.29 करोड़ किसानों की फार्मर रजिस्ट्री की जा चुकी है। किसान पोर्टल और मोबाइल एप से भी पंजीकरण कर सकते हैं।
पीएम किसान सम्मान निधि योजना में प्रदेश के किसानों को 99,032 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं। पीएम फसल बीमा योजना में वर्ष 2016-17 से वर्ष 2025-26 तक 80.61 लाख किसानों को 6454.57 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मंडी समितियों को आधुनिक, पारदर्शी और सुविधायुक्त बनाया जाए, कृषि विपणन व्यवस्था को और मजबूत करें। ग्लोबल मानकों का ध्यान रखते हुए उत्पाद तैयार कराए जाएं।
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