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    एसजीपीजीआई के चिकित्सकों ने रचा इतिहास, भारत में पहली बार छह वर्ष की बच्ची की सफल रोबोटिक थायरॉयड सर्जरी

    Updated: Sat, 25 Jul 2026 03:16 PM (IST)

    SGPGI Lucknow: बच्ची को थायरॉयड ग्रंथि में गांठ की समस्या थी। सामान्य सर्जरी में गर्दन पर चीरा लगाना पड़ता है, लेकिन इस ऑपरेशन में रोबोटिक तकनीक की मद ...और पढ़ें

    संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान, भारत में सबसे कम उम्र की (छह वर्षीय) बच्ची की सफल रोबोटिक थायरॉयड सर्जरी

    संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान, भारत में सबसे कम उम्र की (छह वर्षीय) बच्ची की सफल रोबोटिक थायरॉयड सर्जरी

    HighLights

    1. देश की सबसे कम उम्र की थायरॉयड की मरीज को मिलेगा आराम

    2. गर्दन पर निशान भी नहीं रहेगा

    3. एंडोक्राइन एवं ब्रेस्ट सर्जरी विभाग के चिकित्सकों ने की सर्जरी

    जागरण संवाददाता, लखनऊ। संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआइ) ने चिकित्सा जगत में नया इतिहास रच दिया है। संस्थान के चिकित्सकों ने भारत में पहली बार छह वर्षीय बच्ची की सफल रोबोटिक थायरॉयड सर्जरी की है।

    यह देश की अब तक की सबसे कम उम्र की मरीज है, जिसकी इस अत्याधुनिक तकनीक से थायरॉयड सर्जरी की गई है। विश्व स्तर पर भी इससे कम उम्र की केवल दक्षिण कोरिया की पांच वर्षीय बच्ची की रोबोटिक थायरॉयड सर्जरी का रिकॉर्ड दर्ज है।

    बच्ची को थायरॉयड ग्रंथि में गांठ की समस्या थी। सामान्य सर्जरी में गर्दन पर चीरा लगाना पड़ता है, लेकिन इस ऑपरेशन में रोबोटिक तकनीक की मदद से बगल और छाती में छोटे-छोटे चीरे लगाए गए। इससे गर्दन पर कोई निशान नहीं रहेगा।

    इसके साथ ही सर्जन को शरीर के अंदर का हिस्सा अधिक स्पष्ट दिखाई देता है, जिससे ऑपरेशन अधिक सटीक और सुरक्षित तरीके से किया जा सका। सर्जरी पूरी तरह सफल रही और बच्ची तेजी से स्वस्थ हो रही है।

    एंडोक्राइन एवं ब्रेस्ट सर्जरी विभाग के प्रो. ज्ञान चंद ने बताया कि छह वर्ष की बच्ची में इस तरह की सर्जरी करना चुनौतीपूर्ण था, क्योंकि छोटे बच्चों में विशेष योजना और तकनीकी बदलावों की जरूरत होती है।

    उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि भारत में रोबोटिक एंडोक्राइन सर्जरी के क्षेत्र में मील का पत्थर है और यह साबित करती है कि अनुभवी टीम तथा सही मरीज के चयन के साथ उन्नत रोबोटिक सर्जरी छोटे बच्चों में भी सुरक्षित रूप से की जा सकती है।

    निदेशक प्रो. आर के धीमान ने पूरी टीम को इस उपलब्धि पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सफलता भारत में उन्नत रोबोटिक और बाल शल्य चिकित्सा के क्षेत्र में बढ़ती विशेषज्ञता का प्रमाण है।

    टीम सर्जरी के महारथी

    इस सर्जरी में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रिनेल मैस्करेनहास और डॉ. प्राची कृष्णात्रेय, सीनियर रेजिडेंट डॉ. मिथलेश वांचू एवं डॉ. अजरा तस्नीम शामिल रहे। एनेस्थीसिया टीम का नेतृत्व डॉ. सुजीत गौतम ने किया। नर्सिंग टीम के मनोज, वंदना, लिजी, नीलम तथा ऑपरेशन थिएटर के अन्य सदस्यों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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