स्वाइन फ्लू से UP में पहली मौत, लखनऊ में महिला की मृत्यु के बाद हाई अलर्ट मोड पर अस्पताल
Swine Flu: स्वाइन फ्लू के बढ़ते केस को देखते हुए अस्पतालों को हाई अलर्ट मोड कर रखने के साथ ही ...और पढ़ें

स्वाइन फ्लू के बढ़ते केस को देखते हुए अस्पतालों को हाई अलर्ट मोड कर रखने के साथ ही आईसोलेशन वार्ड भी बनाए गए हैं
HighLights
परिवारजन का दावा निजी अस्पताल की जांच में निकला था स्वाइन फ्लू
प्रदेश में स्वाइन फ्लू से हुई पहली मौत, अस्पताल प्रशासन ने नहीं की पुष्टि
सरकार की तरफ से अस्पतालों में हाई अलर्ट, बनाए गए आइसोलेशन वार्ड
डिजिटल डेस्क, लखनऊ। दिल्ली में तेजी से बढ़ रहे स्वाइन फ्लू के केस के बीच लखनऊ में एक महिला की मौत के बाद से सरकार बेहद गंभीर हो गई है। यह स्वाइन फ्लू से प्रदेश में पहली मौत थी। संजय गांधी पीजीआई में भी भर्ती आठ लोगों में भी स्वाइन फ्लू के लक्षण हैं, लेकिन पीजीआई प्रशासन इसकी पुष्टि नहीं कर रहा है। हालांकि, संजय गांधी पीजीआई के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रोफेसर देवेंद्र गुप्ता का कहना है कि स्वाइन फ्लू का कोई मरीज भर्ती नहीं है, ना ही किसी में पुष्टि हुई है।
स्वाइन फ्लू के बढ़ते केस को देखते हुए अस्पतालों को हाई अलर्ट मोड कर रखने के साथ ही आईसोलेशन वार्ड भी बनाए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की है। बताया है कि किस तरह के लक्षण हो तो नजरअंदाज न करें। स्वाइन फ्लू (H1N1) एक संक्रामक श्वसन संक्रमण है जो इन्फ्लूएंजा ए वायरस के कारण फैलता है।
लखनऊ में इंदिरा नगर निवासी एक महिला की गुरुवार को स्वाइन फ्लू से मौत हो गई है। 50 वर्षीय महिला बलरामपुर अस्पताल में की भर्ती थी। उन्होंने गुरुवार शाम को दम तोड़ दिया। स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए लखनऊ के अस्पतालों को अलर्ट पर रखा गया है।
सांस की गंभीर बीमारी से पीड़ित महिला की गुरुवार को बलरामपुर अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। परिवारजन ने आरोप लगाया कि महिला को ऑक्सीजन की जरूरत थी, लेकिन समय पर नहीं मिलने से उसकी हालत बिगड़ती चली गई।
उनका यह भी आरोप है कि महिला स्वाइन फ्लू से पीड़ित थी और निजी अस्पताल में जांच के दौरान उसकी रिपोर्ट पाजिटिव आई थी। इसकी आधिकारिक पुष्टि स्वास्थ्य विभाग या अस्पताल प्रशासन की ओर से नहीं की गई है। इसे इस वर्ष प्रदेश में स्वाइन फ्लू से हुई पहली मौत बताया जा रहा है।
मृतका के दामाद सुकुर अली के मुताबिक, सास जरीना को सांस लेने में परेशानी होने पर हले कुर्सी रोड पर ईरम हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। हालत में सुधार नहीं होने पर मंगलवार शाम बलरामपुर अस्पताल की इमरजेंसी में लाया गया। उन्होंने बताया कि निजी अस्पताल में कराई गई जांच में स्वाइन फ्लू की रिपोर्ट पाजीटिव आई थी।
हालात ज्यादा बिगड़ने पर बुधवार सुबह चिकित्सक की सलाह पर उन्हें आइसीयू में भर्ती कराया गया। गुरुवार सुबह उन्हें स्वाइन फ्लू वार्ड में शिफ्ट किया गया था। आरोप है कि जरीना को हॉस्पिटल की आवश्यकता थी, लेकिन इलाज के दौरान इसकी आपूर्ति बाधित हो गई। इसके बाद उनकी सांस लेने की परेशानी बढ़ती चली गई। गुरुवार दोपहर करीब 2:30 बजे उन्होंने दम तोड़ दिया।
स्वजन ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। मौत का वास्तविक कारण चिकित्सकीय जांच और अस्पताल के अभिलेखों से ही स्पष्ट होगा। बलरामपुर अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ हिमांशु चतुर्वेदी ने कहा कि मुझे इस घटना के संबंध में कोई जानकारी नहीं है। अस्पताल के हर बेड पर हॉस्पिटल की सुविधा उपलब्ध है।
देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।