यूपी के 12 जिलों की किस्मत बदलेगा गंगा एक्सप्रेस-वे: शुरू से होने क्या होगा असर, किस जिले को सबसे ज्यादा फायदा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 594 किमी लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया, जो मेरठ से प्रयागराज तक 12 जिलों को जोड़ता है। ...और पढ़ें


समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, लखनऊ। उत्तर प्रदेश के सबसे लंबे एक्सप्रेसवे के उद्घाटन का इंतजार आज पीएम मोदी के हाथों खत्म हो गया। हरदोई में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 594 किमी लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण किया, जो प्रदेश के 12 जिलों को कनेक्टिविटी प्रदान करता है। मेरठ से प्रयागराज तक 594 किमी लंबे गंगा एक्सप्रेसवे पर वाहन 120 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ सकेंगे।
आइए जानते इन 12 जिलों पर गंगा एक्सप्रेसवे के शुरू होने से क्या प्रभाव पड़ेगा?
मेरठ वालों के लिए आसान हो जाएगा हाई कोर्ट का सफर
गंगा एक्सप्रेसवे के शुरू होने से मेरठ समेत पश्चिम उत्तर प्रदेश के लोगों का इलाहाबाद हाई कोर्ट तक पहुंचना आसान हो जाएगा। क्रांति धरा मेरठ का कुंभ नगरी प्रयागराज से सीधा जुड़ाव हो जाएगा। धार्मिक यात्रियों और पर्यटकों की यात्रा भी सुगम हो जाएगी। मेरठ से प्रयागराज के स्थित बड़े शहरों तक पहुंचना भी आसान हो जाएगा।

हापुड़ में एक्सप्रेसवे के दो इंटरचेंज
हापुड़ जिले के गंगा एक्सप्रेसवे के दो इंटरचेंज बनाए गए हैं। ऐसे में दिल्ली-नोएडा-गाजियाबाद, बागपत व हरियाणा के लोगों के लिए गंगा एक्सप्रेसवे का सफर आसान हो जाएगा। एक्सप्रेसवे के लोकार्पण के साथ ही इसके आसपास के क्षेत्र में विकास योजनाओं पर भी कार्य आरंभ हो जाएगा। जिले में तीन औद्योगिक क्षेत्र फिलहाल चिन्हित हो चुके हैं।
बुलंदशहर के पॉटरी उद्योग को लगेंगे पंख
जिले में खुर्जा पॉटरी उद्योग के लिए देश-विदेश में पहचान रखता है। वर्तमान में अलीगढ़, आगरा और कानपुर होते हुए कारोबारी प्रयागराज समेत अन्य पूर्व के जनपदों में अपना सामान भेजते हैं, लेकिन इन मार्गों से होकर निकलते समय अधिक लगता है और सामान भी शीघ्रता से नहीं पहुंच पाता है।
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पॉटरी कारोबारियों का कहना है कि अब तक माल भेजने के लिए ट्रक चालकों को संकरी सड़कों और जाम से जूझना पड़ता था। गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ने के बाद खुर्जा की पॉटरी अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और शाहजहांपुर आदि जगहों तक कम समय में पहुंचना आसान होगा। इससे प्रतिस्पर्धा के दौर में उद्यमियों को अपनी लागत घटाने में मदद मिलेगी, जिसको लेकर कारोबारी खुश हैं।
जिलों के साथ दिलों को भी जोड़ेगा गंगा एक्सप्रेसवे
पश्चिमी उत्तर प्रदेश को पूर्वी उत्तर प्रदेश से जोड़ने वाला गंगा एक्सप्रेसवे विभिन्न जिलों को आपस में जोड़ने के साथ ही लोगों के दिलों को भी जोड़ने का काम करेगा। अब तक पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वांचल के लोग आपस में रिश्तेदारी करने से मेरठ से प्रयागराज का 12 घंटे का थकाऊ सफर होने की वजह से कतराते थे, लेकिन अब पश्चिम से पूर्वांचल का सफर आसान होने पर रिश्तेदारियां भी बढ़नी शुरू हो जाएंगी।

संभल में व्यापार, कृषि, उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में खुलेंगे नए अवसर
संभल के लोगों का कहना है कि एक्सप्रेस-वे बनने से परिवहन व्यवस्था बेहतर होगी और व्यापार को गति मिलेगी। साथ ही किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में आसानी होगी तथा युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
क्षेत्रीय नागरिकों ने कहा कि गंगा एक्सप्रेस-वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश को पूर्वी क्षेत्रों से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग साबित होगा। इससे यात्रा का समय कम होगा, माल ढुलाई सस्ती होगी और छोटे शहरों को भी बड़े बाजारों से सीधा लाभ मिलेगा।
बदायूं जिले को मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा
जिले के किसानों और व्यापारियों के लिए भी यह एक्सप्रेस-वे नए अवसर खोलेगा। जिले में आलू, मैंथा, मक्का और गन्ना आदि की फसल पर्याप्त मात्रा में होती है। अब बेहतर कनेक्टिविटी और जिले में ही औद्योगिक क्षेत्र स्थापित होने से उन्हें भी अपनी फसल को बड़े शहरों तक पहुंचाने में आसानी होगी और जिले में भी खरीदार बढ़ने की संभावना है।
इसी तरह व्यापारियों के लिए भी बाया मेरठ होकर दिल्ली पहुंचना आसान हो जाएगा। एक्सप्रेस-वे के माध्यम से बदायूं से दिल्ली, मेरठ, प्रयागराज सहित अन्य प्रमुख शहरों तक की दूरी और समय में उल्लेखनीय कमी आएगी।
शाहजहांपुर के उद्यमियों में खासा उत्साह
गंगा एक्सप्रेस-वे को लेकर शाहजहांपुर जिले के उद्यमियों में खासा उत्साह है। उनका कहना है कि यह एक्सप्रेस वे सिर्फ सुलभ आवागमन का साधन ही नहीं बल्कि जिले की औद्योगिक क्रांति का द्वार बनेगा।
टेक्सटाइल पार्क की स्थापना होने से स्थानीय कारीगरों को आधुनिक तकनीक व डिजाइनिंग की सुविधा मिलेगी। ड्राई पोर्ट बनने से चावल निर्यात में कस्टम क्लीयरेंस और शिपिंग की प्रक्रिया यहीं पूरी हो सकेगी, जिससे निर्यातकों का समय और पैसा बचेगा।
तेजी से बढ़ेंगे रोजगार के नए अवसर
हरदोई के जिलाधिकारी अनुनय झा कहते हैं कि गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना हरदोई समेत पूरे प्रदेश के विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। इससे न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि जिले में निवेश, उद्योग और रोजगार के नए अवसर भी तेजी से बढ़ेंगे। हरदोई का इस परियोजना में महत्वपूर्ण स्थान होना जिले के लिए गर्व की बात है।
प्रतापगढ़ और प्रयागराज के लिए इस सड़क परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इस पर समय की बचत होगी। प्रयागराज से मेरठ तक पहुंचने में छह से सात घंटे तक के समय की बचत हो सकेगी। पहले यह राह 13-14 घंटे में पूरी होती थी।