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    गंगा एक्सप्रेस-वे को लेकर एक और बड़ा अपडेट, परिवहन विभाग 12 जिलों के DM को लिखेगा लेटर

    Updated: Sat, 25 Apr 2026 07:00 AM (IST)

    गंगा एक्सप्रेसवे पर रोडवेज बस सेवाएं शुरू करने की तैयारी है, जिसके लिए परिवहन विभाग डिपो और इलेक्ट्रिक बसों के लिए चार्जिंग स्टेशन बनाएगा। यह एक्सप्रे ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. परिवहन विभाग बनाएगा बस डिपो और चार्जिंग स्टेशन।

    2. मेरठ से प्रयागराज यात्रा समय होगा आधा।

    3. सार्वजनिक परिवहन को मिलेगी नई गति, सुगम यात्रा।

    विवेक राव, लखनऊ। प्रदेश का सबसे लंबा गंगा एक्सप्रेसवे रफ्तार भरने को तैयार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 29 अप्रैल को इसका उद्घाटन करेंगे। पश्चिम में मेरठ से पूर्व में प्रयागराज को जोड़ने वाला यह एक्सप्रेस सार्वजनिक परिवहन का भी मुख्य केंद्र बनेगा। एक्सप्रेसवे को रोडवेज बस सेवा से जोड़ने की भी तैयारी शुरू हो गई है।

    परिवहन विभाग एक्सप्रेसवे के किनारे रोडवेज डिपो और इलेक्ट्रिक बसों के लिए चार्जिंग स्टेशन विकसित करने की योजना बना रहा है। इसके लिए संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों को जमीन उपलब्ध कराने के लिए पत्र भेजा जाएगा। आने वाले समय में यह एक्सप्रेसवे न केवल निजी वाहनों, बल्कि सार्वजनिक परिवहन के लिए भी प्रमुख मार्ग बनेगा।

    12 जिलों को मिलेगा फायदा

    करीब  594 किलोमीटर लंबा गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज समेत 12 जिलों को जोड़ता है। इसके शुरू होने से मेरठ से प्रयागराज की दूरी छह से सात घंटे में तय हो सकेगी, जबकि अभी इसमें 10 से 12 घंटे लगते हैं।

    परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि गंगा एक्सप्रेसवे रोडवेज कनेक्टिविटी का नया आधार बनेगा। सभी जिले इससे सीधे जुड़ेंगे। एक्सप्रेसवे के आसपास डिपो विकसित कर बस संचालन की रूपरेखा तैयार की जा रही है। साथ ही इलेक्ट्रिक बसों को बढ़ावा देने के लिए चार्जिंग स्टेशन भी स्थापित किए जाएंगे।

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    उन्होंने बताया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश से बड़ी संख्या में लोग प्रयागराज हाईकोर्ट और संगम क्षेत्र की धार्मिक यात्राओं के लिए जाते हैं। ऐसे में इस एक्सप्रेस वे से होकर रोडवेज बसों के संचालन से यात्रियों को तेज, सुगम और जाम-मुक्त यात्रा का विकल्प मिलेगा।

    परिवहन निगम की योजना है कि भविष्य में शहरों के भीतर स्थित बस डिपो को बाहर शिफ्ट किया जाए, जिसमें गंगा एक्सप्रेसवे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे शहरों में जाम कम होगा और यात्रियों को बिना भीड़भाड़ के तेज सफर की सुविधा मिल सकेगी। गंगा एक्सप्रेसवे के जरिये आसपास के जिलों को रोडवेज नेटवर्क से जोड़कर राज्य में सार्वजनिक परिवहन को और मजबूत करने की दिशा में कदम उठाया जा रहा है।

    अभी बस से 12 से 15 घंटे का है मेरठ से प्रयागराज का सफर

    मेरठ से प्रयागराज तक वर्तमान में उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की साधारण बसों का किराया करीब 983 से 984 रुपये के बीच है। वहीं एसी और निजी बसों में यह किराया 1,099 से 1,699 रुपये तक जाता है। इस रूट पर बस यात्रा में आमतौर पर 12 से 15 घंटे लगते हैं, हालांकि ट्रैफिक की स्थिति के अनुसार यह समय 16 घंटे तक भी पहुंच जाता है। मेरठ से प्रयागराज के लिए सीधी बस सेवा आमतौर पर शाम करीब सात बजे के आसपास शुरू होती है।