राज्यपाल आनंदीबेन पटेल आज भी स्वयं बनाती हैं भोजन, युवाओं को ऑनलाइन आर्डर पर निर्भर न रहने की सीख
UP Governor: राज्यपाल ने अपने जीवन का उदाहरण साझा करते हुए कहा कि वह आज भी अपना भोजन स्वयं बनाती हैं। हर युवा को आत्मनिर्भर बनना चाहिए। हर युवक और हर ...और पढ़ें

केजीएमयू में नशा मुक्ति का संकल्प लेतीं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल व अन्य
HighLights
‘नशामुक्त युवा फार विकसित भारत’ संकल्प अभियान का शुभारंभ
केजीएमयू के गोद लिए गांवों में कराएं नशे करने वाले लोगों का सर्वेक्षण
जागरण संवाददाता, लखनऊ। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल बीते एक महीने के युवाओं को जीवन की हकीकत का पाठ पढ़ा रही है। उनका फोकस युवतियों पर अधिक है।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने रविवार को किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) के ब्राउन हाल में युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के अंतर्गत माय भारत के राष्ट्रव्यापी नशामुक्त युवा फार विकसित भारत संकल्प अभियान के प्रदेश स्तरीय अभियान का शुभारंभ किया।
राज्यपाल ने अपने जीवन का उदाहरण साझा करते हुए कहा कि वह आज भी अपना भोजन स्वयं बनाती हैं। हर युवा को आत्मनिर्भर बनना चाहिए। हर युवक और हर युवती को भोजन बनाना अवश्य आना चाहिए। सभी को बाहर के भोजन व आनलाइन फूड आर्डर पर अनावश्यक निर्भरता कम करना चाहिए।
राज्यपाल ने कहा कि प्रत्येक युवा कम से कम एक व्यक्ति को नशे की लत से मुक्त कराने का संकल्प ले। यदि प्रत्येक युवा एक व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास करे तो नशामुक्त समाज का लक्ष्य शीघ्र प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने केजीएमयू के गोद लिए गए पांच गांवों का उल्लेख करते हुए सुझाव दिया कि चिकित्सा विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं को दस-दस सदस्यीय समूहों में विभाजित कर प्रत्येक घर का सर्वेक्षण कराएं।
नशे से प्रभावित व्यक्तियों की पहचान करें और उन्हें चिकित्सकीय परामर्श, जन-जागरुकता और सतत संवाद के माध्यम से नशे की लत से बाहर लाने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि चिकित्सा शिक्षा का उद्देश्य केवल रोगों का उपचार करना नहीं, बल्कि समाज को स्वस्थ, जागरूक और जिम्मेदार बनाना भी है।
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उत्तर प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गिरीश चंद्र यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को सकारात्मक दिशा देने, खेल एवं फिटनेस संस्कृति को बढ़ावा देने तथा नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि माय भारत के माध्यम से संचालित यह अभियान युवाओं को नेतृत्व, स्वयंसेवा और राष्ट्र निर्माण से जोड़ने वाला एक प्रभावी जन आंदोलन है। युवा कल्याण एवं प्रादेशिक विकास दल विभाग के सचिव सुहास एल वाई, माय भारत के राज्य निदेशक गोपेश पांडेय, केजीएमयू की कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद आदि ने भी विचार साझा किए।