लखनऊ में बनेगा 350 बेड का आधुनिक ट्रॉमा सेंटर, LDA ने दी 16 हजार वर्ग मीटर जमीन
लखनऊ में लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान को शहीद पथ किनारे 350 बेड का आधुनिक लेवल-1 ट्रॉमा सेंटर बनाने के लिए भूमि आवंटित की गई है। ...और पढ़ें

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जागरण संवाददाता, लखनऊ। राजधानी सहित प्रदेशभर के रोगियों के लिए अच्छी खबर है। इलाज की आस में लखनऊ पहुंचने वाले गंभीर मरीजों को अब न तो बेड के लिए घंटों इंतजार करना होगा और न ही स्ट्रेचर पर रात गुजारनी होगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर लखनऊ विकास प्राधिकरण ने लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान को शहीद पथ किनारे लेवल-एक ट्रॉमा सेंटर के लिए भूमि आवंटित कर दी है। गोमतीनगर विस्तार सेक्टर-सात में मातृ एवं शिशु अस्पताल के सामने करीब 16 हजार वर्ग मीटर से अधिक भूमि पर 350 बेड का आधुनिक ट्रॉमा सेंटर बनेगा।
मौजूदा समय में सिर्फ केजीएमयू में ही लेवल-एक ट्रॉमा सेंटर है, जहां 450 बेड के सापेक्ष में तीन-चार गुणा अधिक मरीजों का दबाव है। एसजीपीजीआई में ट्रॉमा सेंटर में 156 बेड की सुविधा है। ऐसे में लोहिया में लेवल-एक ट्रॉमा सेंटर बनने से काफी हद तक बेड की कमी पूरी की जा सकेगी।
इस भूमि पर निर्माणाधीन फ्लावर वैली को दूसरी जगह शिफ्ट किया जाएगा। अब भूमि को सार्वजनिक एवं अर्ध-सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं के उपयोग में परिवर्तित किया जाएगा।
दूसरा सबसे बड़ा सरकारी चिकित्सा संस्थान होगा लोहिया
लोहिया संस्थान शहीद पथ किनारे अपने परिसर में ही 1010 बेड का नया अस्पताल भी बनाने जा रहा है, जिसके निर्माण के लिए पिछले माह ही योगी कैबिनेट से मंजूरी मिली है। जुलाई आखिरी सप्ताह या अगस्त के शुरुआत में मुख्यमंत्री सात मंजिला भवन की नींव रखेंगे।
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प्रस्तावित ट्रॉमा सेंटर नए अस्पताल के ठीक सामने बनेगा। दरअसल, इस परिसर में बनने वाले अस्पताल में सभी ब्राड स्पेशलियटी विभागों का संचालन होगा। साथ ही यहीं पर 100 बेड का एडवांस क्रिटिकल केयर मेडिसिन यूनिट के भवन का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है, जिसे 15 अगस्त तक शुरू करने की तैयारी है।
मौजूदा समय में लोहिया में 1250 बेड हैं। ऐसे में इन दोनों भवन के साथ ट्रामा सेंटर बनने लोहिया बेड के मामले में प्रदेश का दूसरा सबसे बड़ा चिकित्सा संस्थान हो जाएगा, जहां कुल 2710 बेड हो जाएंगे। अभी 4400 बेड के साथ केजीएमयू राज्य एवं देश का सबसे बड़ा चिकित्सा संस्थान है।
क्यों जरूरी है लेवल-एक ट्रॉमा सेंटर
सड़क दुर्घटनाएं, हादसे, गोली लगना या कई अंगों की गंभीर चोट जैसे मामलों में तुरंत उपचार की जरूरत होती है। लेवल-एक ट्रामा सेंटर ऐसे मरीजों के लिए 24×7 रेडियोलॉजी, पैथोलॉजी की सभी जांचों समेत उच्चस्तरीय देखभाल की सुविधा मुहैया कराता है। इसमें ट्रामा सर्जन, न्यूरोसर्जन, आर्थोपेडिक सर्जन, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ और क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ हर समय उपलब्ध रहते हैं।
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लखनऊ प्रदेश की राजधानी होने के कारण यहां बड़ी संख्या में गंभीर मरीज रेफर किए जाते हैं। यह ट्रॉमा सेंटर पूरे क्षेत्र के लिए प्रमुख केंद्र का काम कर सकता है। गंभीर चोट के बाद शुरुआती एक घंटे (गोल्डेन आवर) में सही उपचार मिलने से मौत और स्थायी विकलांगता का जोखिम काफी कम हो जाता है।
लखनऊ विकास प्राधिकरण से भूमि खरीदारी के लिए जल्द ही शासन प्रस्ताव भेजेंगे और मंजूरी मिलते ही तत्काल भूमि संस्थान के नाम परिवर्तित कराने के साथ निर्माण कार्य की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसमें एक-दो माह का समय लगता है। निर्माण शुरू होने के बाद 24 माह के भीतर इसे पूरा करने का लक्ष्य है। हमें ट्रॉमा सेंटर के लिए यह भूमि मिली है तो इसका श्रेय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को देना चाहूंगा।- प्रो. सीएम सिंह, निदेशक, लोहिया संस्थान
गोमती नगर विस्तार सेक्टर-सात में शहीद पथ किनारे लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान को लेवल-एक ट्रॉमा सेंटर बनाने के लिए 16603.34 वर्ग मीटर जमीन आवंटित किया है। आगे की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी।- प्रथमेश कुमार, उपाध्यक्ष लखनऊ विकास प्राधिकरण