Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    लखनऊ में चेक क्लोनिंग कर ठगी का प्रयास, बैंक ऑफ इंडिया की शाखाओं को बनाया निशाना

    Updated: Sun, 09 Aug 2026 02:30 AM (IST)

    लखनऊ में बैंक ऑफ इंडिया की शाखाओं में संदिग्ध चेकों के जरिए लगभग दो लाख रुपये की धोखाधड़ी का प्रयास विफल कर दिया गया। बैंक कर्मचारियों की सतर्कता से प ...और पढ़ें

    प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

    प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

    HighLights

    1. बैंक ऑफ इंडिया में दो लाख की धोखाधड़ी का प्रयास विफल।

    2. संदिग्ध चेकों पर एक ही नाम 'जय करमाकर' मिला।

    3. पश्चिम बंगाल के गिरोह पर धोखाधड़ी का संदेह गहराया।

    जागरण संवाददाता, लखनऊ। बैंक ऑफ इंडिया की विभिन्न शाखाओं में करीब दो लाख रुपये की संदिग्ध चेको के जरिए ठगी के प्रयास का मामला सामने आया है। सभी चेक पर एक ही व्यक्ति के मिल रहे नाम के बाद बैंक कर्मचारी व अधिकारी सतर्क हो गए हैं।

    समय रहते सत्यापन किए जाने से ऐशबाग और चौक शाखा समेत अन्य शाखाओं में संदिग्ध लेनदेन रुक सका। बैंक प्रबंधन मामले को गंभीरता से लेते हुए पश्चिम बंगाल के किसी बड़े गिरोह से जोड़कर देख रहा है।

    सूत्रों के मुताबिक ऐशबाग शाखा में क्लियरिंग के दौरान पश्चिम बंगाल के खातों से जुड़े दो संदिग्ध चेक प्राप्त हुए। चेक में दर्ज खाताधारकों से फोन कर पुष्टि की गई तो उन्होंने बताया कि उनके द्वारा ऐसी किसी चेक को जारी नहीं किया है। जिसके बाद बैंक प्रशासन ने मामले की जांच शुरू की।

    जांच के दौरान सामने आया कि इसी तरह के चेक बैंक की कई शाखाओं में भी प्रस्तुत किए गए हैं। चौक शाखा में भी ऐसा ही एक चेक लगाया गया था, जिसे बैंक कर्मचारियों ने एंट्री स्तर पर ही रोक दिया। ऐसे में आशंका है कि किसी गिरोह की ओर से बैंक की विभिन्न शाखाओं में एक समान तरीके से फर्जी चेक प्रस्तुत किए जा रहे हैं।

    एक जैसा तरीका मिलने से बढ़ी आशंका

    बैंक की प्रारंभिक जांच में सभी मामले एक ही तरह के सामने आए हैं। संदिग्ध चेकों की राशि दो लाख रुपये से कम है। सभी चेकों पर भुगतान के लिए जय करमाकर का नाम है। एक ही तरह की चेक अलग-अलग शाखाओं में प्रस्तुत किए जाने से इसे सुनियोजित धोखाधड़ी का प्रयास माना जा रहा है।

    खबरें और भी

    इस बात की भी आशंका जताई जा रही है कि इस तरह के चेक लखनऊ के अलावा अलग अलग राज्यों की बैंक शाखाओं में भी प्रस्तुत किए गए हो सकते हैं। बैंक अधिकारियों ने सभी शाखाओं को भुगतान के दौरान विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।

    दो लाख रुपये से कम राशि वाले ऐसे चेक, जिनमें असामान्य पैटर्न दिखाई दे, उनकी भी पूरी तरह जांच करने को कहा गया है। भुगतान से पहले खाताधारक और चेक की प्रामाणिकता का आवश्यक सत्यापन करने पर जोर दिया गया है।

    इस बावत बैंक आफ इंडिया के महाप्रबंधक दीपक राकेश का कहना है कि मामला संज्ञान में आया है। बैंक स्टाफ को सतर्कता बरतने को कहा गया है। जांच जारी है।

    यह भी पढ़ें- बिजनौर में विवाद के दौरान पत्नी ने दिया धक्का, जमीन पर गिरकर पति की मौत