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    गैस सिलिंडर के बाद सरसों तेल और रिफाइन के दाम बढ़े, पनीर भी हुआ 40 रुपये महंगा

    Updated: Thu, 12 Mar 2026 09:06 PM (IST)

    खाद्य तेलों की आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित होने से लखनऊ में सरसों, रिफाइंड और पाम तेल की कीमतों में वृद्धि हुई है। सरसों तेल में थोक में 5 रुपये, जबकि र ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. सरसों तेल थोक में 5 रुपये प्रति लीटर महंगा।

    2. रिफाइंड और पाम तेल 10 रुपये प्रति लीटर बढ़े।

    3. पनीर के दाम 320 से 360 रुपये प्रति किलो हुए।

    जागरण संवाददाता, लखनऊ। सरसों, रिफाइन, पाम आयल की आवक की चेन प्रभावित होने से खाद्य तेलों का आयात प्रभावित हो गया है। बुधवार को जारी हुए दामों में तेल व्यापारी आशीष अग्रवाल ने संशोधन करते हुए बताया कि सरसों तेल में पांच रुपये प्रति लीटर की तेजी है।

    वहीं पाम आयल और रिफाइन मात्र दस रुपये प्रति लीटर बढ़ा है। उनके मुताबिक माल नियमित न आने से यह दाम बढ़े हैं। इसका ईरान व अमेरिका में चल रहे युद्ध से कोई लेना देना नहीं है। वहीं पनीर के दामों में चालीस रुपये की बढ़ोत्तरी हो गई।

    कैटर्स अतुल यादव ने बताया कि पनीर मंगलवार को 320 रुपये किलो था और गुरुवार को 360 रुपये प्रति किलो बिका। हालांकि उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल से जुड़े व्यापारी राजेंद्र ने बताया कि पनीर 360 रुपये में ही बिक रहा है। दामों में कोई बढ़ोत्तरी नहीं है। हां भविष्य में लकड़ी, काेयला ज्यादा महंगे होने पर पनीर के दाम बढ़ सकते हैं।

    तेल व्यापारी आशीष अग्रवाल कहते हैं कि सरसों का तेल ब्रांडेड कंपनी का 158 से 160 रुपये प्रति लीटर थोक में है और पांच रुपये इसमें बढ़े हैं। सामान्य सरसों का तेल 155 रुपये प्रति ली है। इसके फुटकर में रेट 180 रुपये तक हैं।

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    वहीं रिफाइन थोक में 150 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है और और पाम तेल 140 रुपये प्रति लीटर है। इन दोनों में दस रुपये प्रति लीटर की तेजी है। उनके मुताबिक फुटकर में पंद्रह से बीस रुपये प्रति लीटर की तेजी है।

    वहीं कुछ फुटकर व्यापारी सरसों व रिफाइन, पाम तेल के दाम बढ़ाकर बेच रहे हैं जबकि रेट इतने नहीं बढ़े हैं। कुछ व्यापारियों ने रेट बढ़ने का दावा किया था, दूसरे दिन यह व्यापारी अपने बयान से पलट गए। दाल व्यापारी भारत भूषण गुप्ता ने बताया कि दलहन में किसी प्रकार की कोई बढ़ोत्तरी नहीं है और न खाड़ी देश में चल रहे युद्ध से इसका कोई लेना देना है।