लखनऊ: रहस्य का विषय बनी कठौता झील में मछलियों की मौत, जांच में जुटा जलकल विभाग
लखनऊ की कठौता झील में मछलियों की मौत का सिलसिला थम नहीं रहा है, जिससे जलकल विभाग सतर्क हो गया है। पानी की जांच सामान्य पाई गई है, लेकिन विभाग नहर के त ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
कठौता झील में मछलियों की मौत का सिलसिला जारी।
पानी की गुणवत्ता जांच में सामान्य पाई गई है।
तेज नहर बहाव को मौत का संभावित कारण माना।
जागरण संवाददाता, लखनऊ। चिनहट की कठौता झील (तीसरा जलकल) में मछलियों के मरने का सिलसिला थम नहीं रहा है। पानी में उतराती मिल रहीं मछलियों को निकाला जा रहा है। हालांकि पानी की जांच सामान्य पाई गई हैं। झील में तो मछलियां समय समय पर मरी पाई जाती रही है लेकिन एक साथ दस से पंद्रह मछलियां कई दिनों तक मरी पाए जाने पर जलकल विभाग भी सतर्क हो गया।
यह मछलियां झील के किनारे पाई गई थी। दरअसल एक माह पहले ही नहर को खोला गया था। झील में यह पानी 135 किलोमीटर दूर लखीमपुर की शारदा सहायक नहर से आता है। जलकल विभाग के प्रभारी अधिशासी अभियंता अमरेंद्र सिंह का कहना है कि कुछ दिनों से मरी मछलियां देखी गई थीं।
इसलिए पानी की जांच कराई तो उसकी गुणवत्ता सही पाई गई। इन दिनों बारिश होने से नहर के प्रवाह में तेजी होने से भारी मात्रा में मछलियां झील में पहुंच रही हैं। कई बार बहाव तेज होने से नहर के किनारे भाग से मछलियां घायल हो जाती हैं या मर जाती है।
यही एक कारण एक हो सकता है। नहर का पानी इतनी तेजी से आ रहा है कि यह कहना सही नहीं है कि मछलियां झील में मर रही हैं।
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