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    19 साल बाद ज्येष्ठ मास में पड़ेंगे आठ बड़े मंगल, लखनऊ में भंडारों के लिए नए नियम लागू

    Updated: Fri, 24 Apr 2026 09:41 PM (IST)

    इस साल ज्येष्ठ मास में 19 साल बाद आठ बड़े मंगल पड़ेंगे, जिसकी शुरुआत 5 मई से होगी। अधिक मास के कारण ज्येष्ठ माह 59 दिनों का होगा, और लखनऊ में भंडारों ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. 19 साल बाद ज्येष्ठ मास में आठ बड़े मंगल।

    2. अधिक मास के कारण ज्येष्ठ माह 59 दिन का होगा।

    3. भंडारों को स्वच्छ, हरित और प्लास्टिक मुक्त बनाने की अपील।

    जागरण संवाददाता, लखनऊ। इस बार ज्येष्ठ मास में चार नहीं आठ मंगल पड़ेंगे और जगह-जगह भंडारे का आयोजन होगा। पांच मई को पहला पहला मंगल शुरू होगा। आचार्य एसएस नागपाल ने बताया कि
    इस साल ज्येष्ठ का महीना दो मई से लेकर 29 जून तक रहेगा। अधिक मास के कारण ज्येष्ठ माह पूरे 59 दिन का होगा। 19 साल बाद यह संयोग बन रहा है। इससे पहले 2007 में ज्येष्ठ मास में आठ मंगल पड़े थे।

    इसलिए होता है अधिक मास

    आचार्य आनंद दुबे ने बताया कि अधिक मास, जिसे मलमास भी कहा जाता है, हिंदू पंचांग का एक विशेष महीना होता है। यह तब जोड़ा जाता है जब चंद्र वर्ष (लगभग 354 दिन) और सौर वर्ष (लगभग 365 दिन) के बीच का अंतर बढ़ जाता है।

    इस अंतर को संतुलित करने के लिए हर ढाई से तीन तीन साल में एक अतिरिक्त महीना जोड़ा जाता है, जिसे अधिक मास कहा जाता है। धार्मिक दृष्टि से अधिक मास को बहुत पवित्र माना जाता है। इस महीने में विवाह, गृह प्रवेश जैसे शुभ कार्य नहीं किए जाते। इस बार ज्येष्ठ मास में दो महीने का होगा।

    उधर, अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष संदीप बंसल ने शुक्रवार को कहा कि इस वर्ष बड़े मंगल को और भी विशेष बनाने के लिए भंडारों को स्वच्छ, हरित और प्लास्टिक मुक्त बनाना आवश्यक है।

    पालीथिन, प्लास्टिक ग्लास, चम्मच और प्लेटों का उपयोग पूरी तरह बंद किया जाए, ताकि पर्यावरण संरक्षण के साथ धार्मिक परंपरा का मान भी बढ़े। मंगलमान अभियान के संयोजक प्रो. रामकुमार तिवारी ने शहरवासियों से अपील की कि वे स्वच्छता और श्रद्धा के साथ भंडारे आयोजित करें। दो मई को सम्मान के साथ अभियान की शुरुआत होगी।

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