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    यूपी में मकान के लालच में मां ने बेच दिया बच्चा, जन्म से तीन महीने पहले हुआ सौदा; एक कॉल से खुला राज

    Updated: Wed, 05 Aug 2026 09:56 AM (IST)

    लखनऊ में एक मां ने मकान के लालच में अपने नवजात बच्चे को बेच दिया, जिसका सौदा जन्म से तीन महीने पहले ही हो गया था। ...और पढ़ें

    प्रतीकात्मक तस्वीर।

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    जागरण संवाददाता, लखनऊ। एक गुमनाम फोन कॉल ने ऐसा राज खोला, जिसने हर किसी को चौंका दिया। कुर्सी रोड स्थित सेंट मेरी पॉलीक्लीनिक में जन्मे दो दिन के नवजात का मकान के बदले सौदा करने का मामला सामने आया है।

    सूचना मिलने पर एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने कार्रवाई कर नवजात की मां और खरीदार महिला को पकड़ा। पूछताछ में सामने आया कि यह सौदा अचानक नहीं हुआ था, बल्कि बच्चे के जन्म से करीब तीन महीने पहले ही इसकी पूरी योजना बना ली गई थी।

    पुलिस के अनुसार, आरती नाम की महिला पहले से तीन बच्चों की मां है। उसने चौथे बच्चे को दूसरी महिला रेनू को देने का फैसला किया था। दोनों की मुलाकात एक व्यक्ति के माध्यम से हुई थी।

    मकान के लालच में मां ने बेच दिया बच्चा

    पूछताछ में आरती ने बताया कि रेनू की कोई संतान नहीं थी। रेनू ने बच्चे के बदले उसका मकान बनवाने का वादा किया था। शर्त यह थी कि बच्चा जन्म लेते ही उसे सौंप दिया जाएगा, ताकि वह उसका पालन-पोषण कर सके। इसी सहमति के आधार पर बच्चे के जन्म के दो दिन बाद नवजात रेनू को दे दिया गया।

    मामले ने नया मोड़ तब लिया, जब जांच में पता चला कि अस्पताल में भर्ती के समय आरती ने अपना नाम रेनू बताया था। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि अस्पताल के रिकॉर्ड में प्रसूता की पहचान कैसे बदली गई और इसमें किसकी भूमिका रही।

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    डॉक्टरों पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज

    मामले में अस्पताल संचालक डॉ. शालू, डॉ. विनोद समेत अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और किशोर न्याय अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

    अस्पताल संचालक डॉ. शालू का कहना है कि महिला ने भर्ती के समय अपना नाम रेनू बताया था। बाद में दस्तावेजों में आरती नाम मिलने पर रिकॉर्ड में सुधार कर दिया गया था। उनका दावा है कि बच्चा उसी महिला को सौंपा गया, जिसने अस्पताल में प्रसव कराया था।

    एडीसीपी किरण यादव ने बताया कि पुलिस सेंट मेरी पॉलीक्लीनिक में हाल के दिनों में हुए सभी प्रसव और नवजातों से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रही है। वहीं, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एनबी सिंह ने कहा कि पुलिस जांच कर रही है और आवश्यकता पड़ने पर स्वास्थ्य विभाग हर संभव सहयोग देगा। 

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