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    SIR in UP: एसआईआर में नोटिस पाने वाले 2.80 करोड़ लोग बने रहेंगे मतदाता

    By Vivek Rao Edited By: Dharmendra Pandey
    Updated: Sat, 07 Mar 2026 08:04 PM (IST)

    SIR in UP: 44,952 आवेदन नाम कटवाने के आए, इसमें करीब 37 हजार लोगों ने स्वयं फार्म सात भरा था। ...और पढ़ें

    उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा

    उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा

    HighLights

    1. छह जनवरी को जारी मसौदा सूची में 12.55 करोड़ मतदाता

    2. बिना नोटिस और आदेश के किसी का नाम नहीं हटेगा

    राज्य ब्यूरो, लखनऊ। उत्तर प्रदेश में विधानसभा और लोकसभा चुनावों के लिए चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 - (एसआईआर) के दौरान दावा और आपत्ति अवधि में बड़ी संख्या में लोगों ने मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और सुधार के लिए आवेदन किया। छह मार्च तक फार्म-छह के 70,69,810 आवेदन प्राप्त हुए हैं।

    उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने स्पष्ट किया किया कि छह जनवरी को प्रकाशित मसौदा मतदाता सूची से बिना नोटिस और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के कारणयुक्त आदेश के किसी भी मतदाता का नाम नहीं हटाया जाएगा। छह जनवरी को प्रकाशित मसौदा मतदाता सूची के अनुसार प्रदेश में कुल 12,55,56,025 मतदाता दर्ज हैं। इनमें 6,88,43,159 पुरुष (54.83%), 5,67,08,747 महिलाएं (45.17%) और 4,119 ट्रांसजेंडर लिंग मतदाता शामिल हैं।

    पुनरीक्षण के दौरान 1.04 करोड़ मतदाताओं ने मिलान नहीं कराया, जबकि 2.22 करोड़ मतदाताओं के विवरण में तार्किक विसंगतियां पाई गईं। इन सभी को नोटिस जारी किए गए। नोटिस जारी करने की प्रक्रिया 14 जनवरी से शुरू हुई और 21 जनवरी से सुनवाई प्रारंभ हुई। अब तक शत प्रतिशत नोटिस जनरेट किए गए। 93.8 प्रतिशत नोटिस जारी किए गए और छह मार्च तक 86 प्रतिशत सुनवाई पूरी हो चुकी है। 27 मार्च तक शेष सुनवाई पूरी कर ली जाएगी।

    नाम जोड़ने के लिए सबसे ज्यादा आवेदन

    छह जनवरी से छह मार्च तक फार्म-छह के 70,69,810 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें 34,96,911 पुरुष, 35,72,603 महिलाएं और 296 ट्रांसजेंडर हैं। इनमें 18 से 29 वर्ष आयु वर्ग के 47,81,526 युवा शामिल हैं। वहीं, 44,952 आवेदन नाम कटवाने के आए, इसमें करीब 37 हजार लोगों ने स्वयं फार्म सात भरा था। इसमें उन्होंने माइग्रेशन, शिफ्टिंग वाले मामले थे। सिर्फ सात हजार आवेदन दूसरे लोगों द्वारा दूसरे के लिए थी, इसमें पांच हजार मृत व्यक्तियों के नाम हटाए गए हैं।

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    नाम हटाने और सुधार के भी हजारों आवेदन

    दावा-आपत्ति अवधि में फार्म-सात के 2,68,682 आवेदन मिले, जिनमें 1,58,027 पुरुष, 1,10,645 महिलाएं और 10 ट्रांसजेंडर शामिल हैं। 27 अक्टूबर से छह मार्च तक कुल 3,18,140 फार्म-सात प्राप्त हुए। इसी अवधि में फार्म-आठ के 22,55,473 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 1,56,313 पता परिवर्तन, 20,25,611 प्रविष्टियों में सुधार, 71,536 एपिक स्थानांतरण और 2,013 दिव्यांग मतदाता चिन्हांकन से जुड़े हैं। छह जनवरी से छह मार्च के बीच 16,33,578 फार्म-आठ मिले।

    राजनीतिक दलों की भी भागीदारी

    पुनरीक्षण के दौरान मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में पांच राज्य स्तरीय बैठकें आयोजित हुईं। पूरे प्रदेश में गणना चरण में 1,546 और दावा-आपत्ति अवधि में 1,544, कुल 3,090 बैठकें राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ की गईं। राजनीतिक दलों ने 5,82,877 बूथ लेवल एजेंट नियुक्त किए। इनमें भाजपा के 1,61,581, बसपा के 1,54,224, सपा के 1,57,631, कांग्रेस के 97,153, आम आदमी पार्टी के 6,480, अपना दल (सोनेलाल) के 5,493 और माकपा के 315 एजेंट शामिल हैं।

    शिकायतों के निस्तारण में यूपी आगे

    राष्ट्रीय शिकायत सेवा पोर्टल पर फरवरी 2026 की रेटिंग के आधार पर उत्तर प्रदेश को देश में पहला स्थान मिला। 27 अक्टूबर से छह मार्च तक 92,497 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 91,790 (99.24%) का निस्तारण किया गया। ‘बुक ए काल विद बीएलओ’ सुविधा के तहत 7.99 लाख काल बुक हुईं, जिनमें 7.68 लाख पर संपर्क किया गया। हेल्पलाइन पर 30,079 काल प्रदेश स्तर पर और 78,920 काल जिला केंद्रों पर प्राप्त हुईं। राजनीतिक दलों से 92 शिकायतें मिलीं, जिनमें सपा की 78, भाजपा की आठ, कांग्रेस की पांच और आम आदमी पार्टी की एक शिकायत शामिल थी। सभी शिकायतों का निस्तारण कर दिया गया है।

    पुनरीक्षण में पार्टियों की दिखी सक्रियता

    मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण अभियान में विभिन्न राजनीतिक दलों ने भी सक्रिय भागीदारी की है। इसके लिए दलों ने बड़ी संख्या में बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) नियुक्त किए हैं, जो अपने-अपने क्षेत्रों में मतदाता सूची की जांच और दावे-आपत्तियों की प्रक्रिया पर नजर रखते हैं। सबसे अधिक 1,61,581 बूथ लेवल एजेंट भाजपा ने नियुक्त किए हैं। इसके बाद सपा ने 1,57,631 एजेंट लगाए हैं। बसपा ने 1,54,224 बूथ लेवल एजेंट तैनात किए हैं। कांग्रेस ने 97,153 एजेंट नियुक्त किए हैं, आम आदमी पार्टी के 6,480 बूथ लेवल एजेंट बनाए गए हैं। छोटे दलों में अपना दल (सोनेलाल) ने 5,493 एजेंट नियुक्त किए हैं, जबकि भाकपा (मार्क्सवादी) के 315 बूथ लेवल एजेंट बनाए गए हैं। प्रदेश में कुल 5,82,877 बूथ लेवल एजेंट तैनात किए गए हैं।

    राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें

    प्रथम बैठक -29 अक्टूबर, 2025
    दूसरी बैठक -19 नवम्बर, 2025
    तीसरी बैठक - 08 दिसम्बर, 2025
    चौथी बैठक- 06 जनवरी, 2026
    पांचवीं बैठक- 27 जनवरी, 2026
    दलों के बूथ लेवल एजेन्टों की संख्या
    भारतीय जनता पार्टी-1,61,581
    बहुजन समाज पार्टी-1,54,224
    भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस-97,153
    आम आदमी पार्टी-6,480
    भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)-315
    अपना दल (सोनेलाल) (राज्यीय)-5,493
    समाजवादी पार्टी (राज्यीय)-1,57,631
    कुल संख्या-5,82,877।

    राष्ट्रीय शिकायत सेवा पोर्टल

    भारत निर्वाचन आयोग की निर्वाचन संबंधी शिकायतों के निस्तारण के लिए राष्ट्रीय शिकायत सेवा पोर्टल संचालित है। नागरिक आयोग के पोर्टल voters.eci.gov.in अथवा ECINET मोबाइल ऐप पर मोबाइल नम्बर अथवा ई-मेल आईडी से लॉगइन कर अपनी शिकायतों को दर्ज कर उनको ट्रैक किया जा सकता है। प्रत्येक शिकायत के निस्तारण के लिए निश्चित समयावधि निर्धारित होती है।

    मतदाता हेल्प लाइन

    भारत निर्वाचन आयोग के राष्ट्रीय सम्पर्क केन्द्र (NCC) की भाति विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण के दौरान प्रदेश स्तर पर राज्य सम्पर्क केन्द्र (SCC- Helpline No. 1800-180-1950) तथा सभी जनपदों में जिला सम्पर्क केन्द्रो (DCC-Helpline No. 1950) का संचालन सभी कार्य दिवसों मे किया जा रहा है।

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    किसी अन्य जनपद के जिला सम्पर्क केन्द्र पर कॉल करने के लिए उस जनपद के एसटीडी कोड के साथ 1950 डॉयल करना होता है। विशेष प्रगाढ पुनरीक्षण अवधि के दौरान राज्य सम्पर्क केन्द्र में अब तक कुल-30,079 कॉल्स तथा जिला सम्पर्क केन्द्रों में कुल 78,920 कॉल्स प्राप्त हुई, जिसमे नागरिकों की शिकायतों एवं पृच्छाओं का समाधान किया गया।

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