लाइलाज होते जा रहे विद्युत स्मार्ट प्रीपेड मीटर, अब तकनीकी जांच आइटी विशेषज्ञों से कराने की मांग
UPPCL News: मांग है कि प्रीपेड स्मार्ट मीटर के मास्टर डाटा मैनेजमेंट (एमडीएम), सर्वर और आइटी इंफ्रास्ट्रक्चर की जांच आइटी विशेषज्ञों से कराई जाए। ...और पढ़ें

स्मार्ट विद्युत प्रीपेड मीटर
HighLights
रिचार्ज कराने के घंटों बाद तक कनेक्शन नहीं जुड़ने की हैं शिकायतें
उपभोक्ता परिषद ने सरकार व नियामक आयोग से जांच की मांग की
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) ने प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं को राहत देने और बिजली चोरी रोकने के लिए स्मार्ट प्रीपेड विद्युत मीटर लगवाए हैं।
यह उपभोक्ताओं के लिए राहत के स्थान पर आफत होते जा रहे हैं। राज्य में प्रीपेड स्मार्ट मीटर रिचार्ज कराने के घंटों बाद तक कनेक्शन नहीं जुड़ने से बड़ी संख्या में विद्युत उपभोक्ता परेशान हैं।
राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने सरकार और विद्युत नियामक आयोग से मांग की है कि प्रीपेड स्मार्ट मीटर के मास्टर डाटा मैनेजमेंट (एमडीएम), सर्वर और आइटी इंफ्रास्ट्रक्चर की जांच आइटी विशेषज्ञों से कराई जाए।
परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा है कि ऊंची दरों पर प्रीपेड मीटर का टेंडर पाने वाली कंपनियों ने ऐसा सिस्टम लगाया है जो स्मार्ट न होकर उपभोक्ताओं को परेशान करने वाला है।
उन्होंने बताया है कि शनिवार को निगेटिव बैलेंस में चल रहे पांच लाख से अधिक प्रीपेड स्मार्ट मीटर को डिस्कनेक्ट किया गया। इनमें से शाम तक 60 हजार उपभोक्ताओं ने अपने मीटर को रिचार्ज करा लिया था।
गाजियाबाद, सहारनपुर, नोएडा और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के कई जिलों में रिचार्ज के बावजूद उपभोक्ताओं के कनेक्शन चालू नहीं हो पाने की सूचनाएं हैं। इसका कारण रिचार्ज राशि का एमडीएम और आरएमएस सर्वर में फंसा होना बताया जा रहा है।
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पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम में बड़े पैमाने पर उपभोक्ताओं के प्रीपेड मीटर में धनराशि जमा किए जाने के बाद भी रिचार्ज दिख नहीं रहा, जिससे कनेक्शन कट गए हैं।