एसआईआर के बाद अब घटे-बढ़े हर एक वोट का सत्यापन करेगी समाजवादी पार्टी, अपने वोट बचाने-बढ़ाने के लिए छेड़ा अभियान
विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद जारी मतदाता सूची में गड़बड़ियों को लेकर समाजवादी पार्टी घर-घर सत्यापन अभियान चला रही है। पार्टी कार्यकर्ता घटाए गए, बढ़ाए ग ...और पढ़ें
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HighLights
सपा ने मतदाता सूची सत्यापन अभियान छेड़ा।
कार्यकर्ता घर-घर जाकर नामों की जांच करेंगे।
गलत नाम जुड़वाने-कटवाने की कार्यवाही होगी।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के बाद जारी हुई अंतिम सूची में हुई गड़बड़ियों की तलाश के लिए समाजवादी पार्टी घर-घर दस्तक देगी। सपा ने प्रक्रिया के तहत घटाए गए, बढ़ाए गए और संशोधित किए गए मतदाताओं के एक-एक नाम के सत्यापन के लिए अभियान छेड़ दिया है।
पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं से लेकर हर पदाधिकारी, जनप्रतिनिधियों तक को जिम्मेदारी इसकी जिम्मेदारी दी गई है। गलती मिलने पर घटे हुए नाम को दोबारा जुड़वाने और बढ़े हुए नाम को कटवाने की कार्यवाही करने को कहा है। पार्टी मुख्यालय पर भी इसकी निगरानी और मार्गदर्शन के लिए विशेष टीम बनाई गई है।
चुनाव आयाेग ने एसआईआर के बाद 10 अप्रैल को अंतिम मतदाता सूची जारी की है, इसमें 2.04 करोड़ मतदाताओं के नाम काटे गए हैं। सूची जारी होने के दिन ही सपा की ओर से ज्ञापन भेजकर इसकी त्रुटियों को उठाया गया था। अब सत्यापन के लिए प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने सभी जिलाध्यक्ष, महानगर अध्यक्ष, पूर्व जिलाध्यक्ष, पूर्व महानगर अध्यक्ष, सांसद, पूर्व सांसद, विधायक, पूर्व विधायक, विधान परिषद सदस्य, पूर्व विधान परिषद सदस्य, जिला पंचायत अध्यक्ष, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष, अध्यक्ष जिला सहकारी बैंक, पूर्व अध्यक्ष जिला सहकारी बैंक, राष्ट्रीय व राज्य कार्यकारिणी, प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों आदि को निर्देश जारी किए हैं।
कहा गया है कि यदि किसी का नाम मतदाता सूची में शामिल होने से छूट गया है या गलत तरीके से काटा गया है तो फार्म-6 और घोषणा पत्र भरवाकर उसका नाम मतदाता सूची में शामिल करवाएं। लॉजिकल एरर व नो मैपिंग में कटे नाम पर डिलीटेड के साथ क्यू प्रिंट किया गया है।
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क्यू कोड वाले मतदाताओं के नाम दोबारा जुड़वाने के लिए 25 अप्रैल तक डीएम के यहां अपील करनी होगी। इसी तरह यदि किसी अपात्र मतदाता का नाम दर्ज हो गया है, तब फार्म-7 भरवाकर अपात्र मतदाता का नाम कटवाएं। सत्यापन और कार्यवाही की रिपोर्ट प्रदेश कार्यालय को उपलब्ध कराने के लिए भी कहा गया है।