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    शेयर मार्केट में मुनाफे का झांसा देकर की करोड़ों की ठगी, STF ने गिरोह के सरगना को नागपुर से दबोचा

    Updated: Tue, 04 Aug 2026 09:53 AM (IST)

    एसटीएफ ने नागपुर से स्टॉक मार्केट और आईपीओ में भारी मुनाफे का झांसा देकर करोड़ों की साइबर ठगी करने वाले गिरोह के सरगना अनुराग अरविंद श्रीवास्तव को गिर ...और पढ़ें

    शेयर मार्केट में मुनाफे का झांसा देकर करोड़ों ठगने वाला सरगना गिरफ्तार।

    शेयर मार्केट में मुनाफे का झांसा देकर करोड़ों ठगने वाला सरगना गिरफ्तार।

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    जागरण संवाददाता, लखनऊ। इंटरनेट मीडिया पर स्टॉक मार्केट और आइपीओ में निवेश से भारी मुनाफे का झांसा देकर देशभर में साइबर ठगी करने वाले गिरोह के सरगना को एसटीएफ ने नागपुर से गिरफ्तार किया है।

    आरोपित इंस्टाग्राम, फेसबुक और वॉट्सप के जरिए लोगों को फर्जी इन्वेस्टमेंट पोर्टल और एप से जोड़कर निवेश कराता था। एप के डैशबोर्ड पर रकम और मुनाफे की फर्जी जानकारी दिखाकर पीड़ितों को और पैसा लगाने के लिए प्रेरित किया जाता था।

    एसटीएफ ने 31 जुलाई को नागपुर के मानकापुर थाना क्षेत्र स्थित उसके आवास से अनुराग अरविन्द श्रीवास्तव को गिरफ्तार किया। उसके पास से लैपटॉप, आइफोन, दो सिम कार्ड, तीन फर्मों की मुहर, अलग-अलग बैंकों की छह ब्लैंक चेकबुक, 3.17 करोड़ और 2.50 करोड़ रुपये के दो बिना हस्ताक्षर वाले चेक, एक कैंसिल चेक, 139 पन्नों के दस्तावेज और टाटा नेक्सन कार बरामद हुई।

    नागपुर से लखनऊ लेकर आई एसटीएफ

    ट्रांजिट रिमांड लेकर आरोपित को लखनऊ लाया गया, जहां उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। एसटीएफ की जांच में सामने आया कि गिरोह इंस्टाग्राम पर स्टाक मार्केट एनालिसिस की ट्रेनिंग का फर्जी विज्ञापन चलाता था।

    इसके बाद निवेशकों को वीआइपी गाइडेंस ग्रुप नामक वॉट्सएप ग्रुप में जोड़ा जाता था। वहां स्टाक ट्रेडिंग और आइपीओ में निवेश की ट्रेनिंग देने के साथ फर्जी मुनाफे के स्क्रीनशॉट साझा किए जाते थे। इसके बाद निवेशकों को आइपीओ में भारी लाभ का लालच देकर फर्जी लिंक के माध्यम से सेंचुरी एप डाउनलोड कराया जाता था।

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    अलग-अलग बैंक खातों में जमा होती थी रकम

    एप पर खाता बनाने के बाद अलग-अलग बैंक खातों में रकम जमा कराई जाती थी। निवेशक को उसके एप डैशबोर्ड पर रकम और मुनाफा बढ़ता हुआ दिखाई देता था, जबकि यह पूरी जानकारी फर्जी होती थी। इससे विश्वास में आए लोगों ने कई करोड़ रुपये गिरोह के खातों में जमा कर दिए।

    पूछताछ में अनुराग ने वर्ष 2022 में साथियों के साथ गेमिंग प्लेटफॉर्म बनाने और फैंटेसी गेम के साथ निवेशकों से धोखाधड़ी कर करोड़ों रुपये के लेनदेन की बात भी स्वीकार की है। पुलिस अब उसके नेटवर्क और ठगी की रकम के इस्तेमाल की कड़ियां खंगाल रही है।

    11 मुकदमों में वांछित था आरोपित

    अनुराग के खिलाफ लखनऊ साइबर क्राइम थाने में ही कई मुकदमे दर्ज हैं। इसके अलावा आशियाना थाने में 412/25 और अंडमान एवं निकोबार के साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज है।

    एसटीएफ के मुताबिक, नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर गिरोह के खिलाफ अब तक 3087 ऑनलाइन शिकायतें दर्ज हैं। आरोपित द्वारा इस्तेमाल किए गए बैंक खातों में करीब दो करोड़ रुपये फ्रीज कराए गए हैं। अन्य खातों की जांच के साथ गिरोह के दूसरे सदस्यों की तलाश की जा रही है।

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