यूपी में शिक्षकों का मांगा गया पूरा ब्योरा, HC में लंबित मामले को लेकर शिक्षा विभाग सख्त
इलाहाबाद हाईकोर्ट की सख्ती के बाद यूपी बेसिक शिक्षा विभाग ने सभी जिलों से सरप्लस शिक्षकों और शून्य/एकल शिक्षक वाले स्कूलों का विस्तृत ब्योरा मांगा है। ...और पढ़ें
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सरप्लस बेसिक शिक्षकों का मांगा गया पूरा ब्योरा। AI जेनरेटेड फोटो
HighLights
बेसिक शिक्षा विभाग ने शिक्षकों का विस्तृत ब्योरा मांगा।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की सख्ती के बाद हुई यह कार्रवाई।
सरप्लस, शून्य और एकल शिक्षक स्कूलों की जानकारी मांगी।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। सरप्लस शिक्षकों के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की सख्ती के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने सभी जिलों से विस्तृत जानकारी तलब की है। अपर मुख्य सचिव, बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने निर्देश दिए हैं कि प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में सरप्लस शिक्षकों, शून्य शिक्षक और एकल शिक्षक वाले विद्यालयों का जनपदवार विवरण चार निर्धारित प्रारूपों में तैयार कर चार जुलाई तक ई-मेल के माध्यम से उपलब्ध कराया जाए।
यह कार्रवाई 'सौरभ कुमार सिंह व छह अन्य बनाम उत्तर प्रदेश व अन्य' विशेष अपील के तहत की जा रही है, जिसकी अगली सुनवाई छह जुलाई को होगी।
हाईकोर्ट ने तीन जुलाई की सुनवाई के दौरान प्रदेशवार विस्तृत डाटा प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। इसके अनुपालन में शुक्रवार को अपर मुख्य सचिव ने अधिकारियों के साथ बैठक भी की। साथ ही सभी मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों से तत्काल सूचना मांगी गई है।
पहले प्रारूप में प्राथमिक विद्यालयों के सरप्लस शिक्षकों का विवरण, दूसरे में उच्च प्राथमिक विद्यालयों के विषयवार सरप्लस शिक्षकों का ब्योरा, तीसरे में प्राथमिक विद्यालयों के शून्य व एकल शिक्षक वाले स्कूलों तथा चौथे में उच्च प्राथमिक विद्यालयों के ऐसे विद्यालयों का विवरण देना होगा।
प्रत्येक प्रारूप में विद्यालय का नाम, छात्र संख्या, स्वीकृत व कार्यरत शिक्षक, आरटीई के अनुसार आवश्यक शिक्षक और संबंधित शिक्षकों का पूरा ब्योरा शामिल रहेगा, ताकि हाईकोर्ट में तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत की जा सके।
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