उत्तर प्रदेश में नमामि गंगे के तहत चार नए सीवेज प्लांट शुरू, इन जिलों को मिलेगा सीधा फायदा
नमामि गंगे मिशन फेज-2 के तहत उत्तर प्रदेश में चार नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) शुरू किए गए हैं। इनमें आगरा में दो, वाराणसी और उन्नाव में एक-एक ए ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर
HighLights
नमामि गंगे फेज-2 में चार नए एसटीपी शुरू हुए।
आगरा, वाराणसी, उन्नाव में सीवर शोधन क्षमता बढ़ी।
उत्तर प्रदेश में अब कुल 152 एसटीपी संचालित।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। नमामि गंगे मिशन फेज-2 के तहत चार सीवरेज शोधन परियोजनाओं का संचालन शुरू किया गया है, इनमें आगरा में दो और वाराणसी व उन्नाव में एक-एक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) शामिल हैं। इन शहरों की शोधन क्षमता बढ़ने से नदियों को स्वच्छ रखने के प्रयासों को मजबूती मिलेगी।
राज्य स्वच्छ गंगा मिशन के परियोजना निदेशक जोगिंदर सिंह ने बताया कि प्रदेश में सीवर शोधन की कुल 74 परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। इनमें से 41 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, शेष पर तेजी से काम चल रहा है। वर्तमान वित्तीय वर्ष में आगरा में 31 और 35 एमएलडी के दो बड़े एसटीपी शुरू हुए हैं।
इन पर 842 करोड़ रुपये की लागत आई है। वाराणसी के अस्सी-बीएचयू क्षेत्र में 308 करोड़ रुपये की लागत से 55 एमएलडी और शुक्लागंज (उन्नाव) में 65 करोड़ रुपये की लागत से पांच एमएलडी एसटीपी ने काम करना शुरू कर दिया है। इन योजनाओं से बड़ी आबादी को राहत मिलेगी। इनके साथ वर्तमान में प्रदेश में 152 एसटीपी संचालित हैं।