योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला, ट्रैफिक नियम तोड़ने पर वाहन चालकों के केस अब नहीं होंगे निरस्त
उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने यातायात नियमों के उल्लंघन पर एक अध्यादेश को मंजूरी दी है। अब वाहन चालकों के खिलाफ दर्ज मामले स्वतः समाप्त नहीं होंगे, बल्कि उन ...और पढ़ें


समय कम है?
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राज्य ब्यूरो, लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अब नियमों का उल्लंघन कर वाहन चलाने वालों की खैर नहीं। इस संदर्भ तैयार किए गए अध्यादेश को अमली जामा पहनाने को लेकर कैबिनेट की बैठक में स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।उत्तर प्रदेश दंड विधि (अपराधों का शमन और विचारणों का उपशमन संशोधन) अध्यादेश लाएगी।
गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय ने एक याचिका की सुनवाई के दौरान पिछले वर्ष 20 नवंबर को राज्य सरकार को निर्देश दिए थे कि मोटर वाहन अधिनियम के तहत नियमों का उल्लंघन करने पर दिए जाने वाले दंड को समाप्त नहीं किया जा सकता है।
सरकार ने वर्ष 2023 में करीब 11 लाख मुकदमे और चालान को समाप्त करने का निर्णय लिया था। यह मामले वर्ष 2017 से 2021 के बीच के थे। इस मामले में उच्चतम न्यायालय के कड़े रुख के बाद अब सरकार नए सिरे से अध्यादेश लाएगी।
वर्तमान में यह व्यवस्था है कि अगर किसी ने मोटर वाहन अधिनियम के तहत अगर किसी वाहन चालक का चालान किया जाता है और उस पर जुर्माना लगाया जाता है तो एक निश्चित समय के बाद जुर्माना न भरने पर स्वत: मामले समाप्त हो जाता था। अब अध्यादेश आने के बाद मोटर वाहन अधिनियम का उल्लंघन करने वालों को बचाव नहीं होगा। वाहन चालकों को जुर्माना भरना पड़ेगा। साथ ही सजा वाले अपराधों में उन्हें सजा भी भुगतनी पड़ेगी।