यूपी में पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर प्लांटों पर बड़ी कार्रवाई, 37 को कराया गया बंद; 41 के लाइसेंस सस्पेंड
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने अंतर्जनपदीय अभियान के तहत 362 पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर इकाइयों का निरीक्षण किया। ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर
HighLights
362 पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर इकाइयों का निरीक्षण किया गया।
गंभीर खामियों के कारण 37 इकाइयां बंद कराई गईं।
41 इकाइयों के लाइसेंस निलंबित किए गए।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन खाद्य एवं पेय पदार्थों की जांच पड़ताल पर विशेष फोकस कर रहा है। अंतर्जनपदीय विशेष प्रवर्तन अभियान के तहत शनिवार को विभिन्न मंडलों में संचालित कुल 362 पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर निर्माण इकाइयों का निरीक्षण किया गया।
233 सैंपल जांच के लिए भरे गए। 37 इकाइयों में गंभीर खामियां मिलने से बंद करा दिया गया। 57 इकाइयों ने जांच नहीं कराया था, जहां नोटिस चस्पाकर इकाइयों को बंद करने के लिए कहा गया।
मण्डलों के मंडलीय सहायक आयुक्त (खाद्य) के नेतृत्व में गठित विशेष प्रवर्तन टीमों द्वारा प्रदेश के विभिन्न जनपदों में संचालित इकाइयों का निरीक्षण किया गया। 56 निर्माण इकाइयों को सुधार सूचना जारी की गई। जांच में 38 इकाइयां लम्बे समय से बंद मिलीं।
21 इकाइयां स्थापना प्रक्रिया में थीं, जबकि 38 इकाइयों द्वारा लाइसेंस सरेंडर किए जाने की जानकारी मिली। 41 इकाइयों के लाइसेंस निलंबित किये गए।
विशेष अभियान के दौरान निर्माण परिसर की स्वच्छता, खाद्य सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली, खाद्य संचालकों के स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र, विनिर्माण प्रक्रिया, उपकरणों की स्वच्छता, पैकेजिंग सामग्री, लेबलिंग, अभिलेखों का संरक्षण तथा खाद्य सुरक्षा एवं मानक विनियमों के अनुपालन का भी विस्तृत परीक्षण किया गया।