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भामाशाह भाव स्थिरता कोष योजना शुरू: आलू किसानों को बड़ी राहत, भाव गिरने पर मिलेगा अनुदान और छूट

Published: Tue, 08 Sep 2026 10:13 PM (IST)

उत्तर प्रदेश सरकार ने आलू किसानों को कीमतों में गिरावट से बचाने और भंडारण शुल्क में राहत देने के लिए भामाशाह भाव स्थिरता कोष योजना शुरू की है।

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

जागरण संवाददाता, लखनऊ। आलू की कीमतों में गिरावट से किसानों को होने वाले नुकसान से बचाने के लिए प्रदेश सरकार ने भामाशाह भाव स्थिरता कोष और निजी शीतगृहों में भंडारित आलू के भंडारण प्रभार पर अनुदान की व्यवस्था शुरू की है। इसके तहत बाजार में आलू के दाम अत्यधिक गिरने पर पात्र किसानों को अनुदान दिया जाएगा।

वहीं, शीतगृह में आलू रखने वाले किसानों को भंडारण शुल्क में भी आर्थिक सहायता मिलेगी। भामाशाह भाव स्थिरता कोष के तहत आलू का बाजार भाव गिरने पर किसान को न्यूनतम उत्पादन लागत के 25 प्रतिशत अथवा न्यूनतम उत्पादन लागत और बिक्री दर के अंतर की राशि, जो कम होगी, अनुदान के रूप में दी जाएगी।

एक किसान को अधिकतम दो हेक्टेयर रोपित क्षेत्र और प्रति हेक्टेयर अधिकतम 240 क्विंटल उत्पादन के आधार पर अनुदान मिलेगा। योजना का लाभ लेने के लिए किसान आईडी धारक होना और एग्रीटेक पोर्टल पर पंजीकृत आलू उत्पादक होना अनिवार्य है। रोपित क्षेत्रफल का निर्धारण अद्यतन खसरा-खतौनी के आधार पर किया जाएगा।

इसके अलावा निजी शीतगृहों में भंडारित आलू पर किसानों को 100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भंडारण शुल्क में अनुदान दिया जाएगा। इसमें भी अधिकतम दो हेक्टेयर रोपित क्षेत्र और प्रति हेक्टेयर 200 क्विंटल उत्पादन तक की सीमा तय की गई है।

शीतगृह में भंडारित आलू की मात्रा का निर्धारण शीतगृह की ओर से जारी तकपट्टी के आधार पर किया जाएगा। आलू की निकासी से संबंधित प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने पर ही किसान अनुदान के लिए पात्र माना जाएगा।

डीबीटी से सीधे खाते में पहुंचेगी राशि

जिला उद्यान अधिकारी धीरेंद्र सिंह ने बताया कि योजनाओं के तहत मिलने वाली अनुदान और सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। आवेदन के लिए आधार कार्ड, बैंक पासबुक, खसरा-खतौनी और संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे।

भाव स्थिरता कोष के लिए फोटोयुक्त वैध पहचान पत्र, गेट पास और व्यापारी-किसान के बीच खरीद-बिक्री का विवरण दर्शाने वाले प्रपत्र-06 की प्रति भी आवश्यक होगी। लखनऊ के आलू उत्पादक किसान योजना का लाभ लेने के लिए potato.uphorticulture.in पर पंजीकरण कर सकते हैं।

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