यूपी में कावंड़ यात्रा को लेकर 14 बिंदुओं का एक्शन प्लान लागू, थर्मोकोल के उपयोग पर सख्ती से रोक
नगर विकास विभाग ने कांवड़ यात्रा को स्वच्छ, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए 14-सूत्रीय कार्ययोजना लागू की है। ...और पढ़ें

HighLights
कांवड़ यात्रा के लिए 14-सूत्रीय एक्शन प्लान लागू किया गया।
सिंगल-यूज प्लास्टिक और थर्मोकोल के उपयोग पर सख्त रोक।
यात्रा मार्गों पर विशेष सफाई अभियान और सुरक्षा व्यवस्था।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। कांवड़ यात्रा को स्वच्छ, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए नगर विकास विभाग ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है।
प्रमुख सचिव नगर विकास पी. गुरुप्रसाद ने बुधवार को संबंधित नगरीय निकायों के साथ समीक्षा बैठक कर यात्रा मार्गों पर सफाई, पेयजल, शौचालय, सड़क सुरक्षा, प्लास्टिक प्रतिबंध और रियल टाइम मानिटरिंग समेत 14 प्रमुख बिंदुओं पर विस्तृत कार्ययोजना लागू करने के निर्देश दिए।
विभाग ने इस बार कांवड़ यात्रा के साथ आगामी त्योहारों को भी 'जीरो प्लास्टिक' और 'जीरो वेस्ट' आयोजन के रूप में संपन्न कराने पर विशेष जोर दिया है। बैठक में निर्देश दिए गए कि कांवड़ यात्रा वाले सभी मार्गों पर विशेष सफाई अभियान चलाया जाए तथा श्रद्धालुओं के लिए पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
सफाई कार्यों की होगी निगरानी
नगर निकायों की ओर से किए जा रहे सफाई कार्यों की निगरानी जिला कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के माध्यम से की जाएगी, जबकि जिला व प्रदेश स्तर से भी लगातार निगरानी होगी। कांवड़ मार्गों और शिवालयों पर पर्याप्त संख्या में सफाई कर्मियों की तैनाती की जाएगी, ताकि प्रतिदिन नियमित सफाई हो सके।
यात्रा मार्गों और शिविर स्थलों पर पुरुषों एवं महिलाओं के लिए अलग-अलग मोबाइल एवं अस्थायी शौचालय स्थापित किए जाएंगे। इन शौचालयों की दिन में कम से कम दो बार सफाई और सैनिटाइजेशन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य एवं स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए निकायों को सूक्ष्म कार्ययोजना बनाकर कांवड़ मार्गों पर ब्लीचिंग पाउडर, चूना और मैलाथियान डस्ट का नियमित छिड़काव करने के लिए कहा गया है। साथ ही नालों-नालियों की सफाई, मार्गों के किनारे उगी झाड़ियों और पौधों की कटाई-छंटाई भी समयबद्ध तरीके से कराने को कहा गया है।
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प्लास्टिक पर होगी पाबंदी
बैठक में कांवड़ शिविरों में सिंगल-यूज प्लास्टिक और थर्मोकोल से बने उत्पादों के उपयोग पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए गए। प्रतिबंधित प्लास्टिक कैरी बैग और डिस्पोजेबल उत्पादों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाएगा।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कांवड़ मार्गों को गड्ढामुक्त कराने, विद्युत खंभों से जुड़े ढीले और लटकते तारों को सुरक्षित ढंग से व्यवस्थित करने तथा आवारा एवं बेसहारा पशुओं को पकड़कर कान्हा गोशालाओं में भेजने के निर्देश भी दिए गए हैं।
विभाग का मानना है कि इन व्यवस्थाओं से यात्रा के दौरान दुर्घटनाओं की आशंका कम होगी और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
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