यूपी में मानसून का कहर: वज्रपात से दो लोगों की मौत, संतकबीर नगर में बारिश के कारण 300 साल पुराना मंदिर ढहा
मानसून की सक्रियता से उत्तर प्रदेश में कहीं राहत तो कहीं आफत है; बारिश से धान किसानों को खुशी मिली, वहीं वज्रपात से दो लोगों की मौत हो गई। ...और पढ़ें

वज्रपात और मलबे में तब्दील बैजूनाथ शिव मंदिर
HighLights
वज्रपात से बलिया और चंदौली में दो किसानों की मौत।
संतकबीर नगर में 300 साल पुराना बैजूनाथ महादेव मंदिर ढहा।
गंगा, सरयू और घाघरा नदियों का जलस्तर बढ़ा, कटान जारी।
जागरण टीम, लखनऊ। उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में मानसून की सक्रियता कहीं राहत तो कहीं आफत बनकर बरस रही है। एक ओर जहां धान की रोपाई कर रहे किसानों के चेहरे पर बारिश ने मुस्कान ला दी है, वहीं वज्रपात दो लोगों की जिंदगी छीन ली।
संतकबीर नगर में बारिश के चलते तीन सौ वर्ष पुराना ऐतिहासिक मंदिर ढह गया। इसके अलावा गंगा व सरयू नदी का जलस्तर भी बढ़ गया है। रविवार को बलिया जिले में धान रोपाई की तैयारी कर रहे 66 वर्षीय बुजुर्ग किसान विजय गौड़ पर बिजली गिर गई। जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
बलिया में ही वज्रपात की एक अन्य घटना में महिला समेत दो लोग गंभीर रूप से झुलस गए। चंदौली जिले में भी खेत में धान की रोपाई करा रहे किसान श्याम सिंह की बिजली की चपेट में आने से मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। बारिश के चलते संतकबीर नगर जिले में बैजूनाथ महादेव का 300 वर्ष पुराना ऐतिहासिक मंदिर रविवार दोपहर भरभराकर ढह गया।
गनीमत यह रही कि हादसे के वक्त मंदिर परिसर पूरी तरह खाली था, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। मंदिर में स्थापित प्राचीन शिवलिंग मलबे के नीचे दब गया है। बीते 25 जून को ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मंदिर में आकर दर्शन-पूजन किया था।
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मंदिर के मुख्य पुजारी रुद्र बाबा के अनुसार, सुबह से ही दीवारों में दरारें दिखने के कारण श्रद्धालुओं को भीतर जाने से रोक दिया गया था, जिससे बड़ा हादसा टल गया। दूसरी ओर, नदियों के जलस्तर में भी बढ़ोतरी हो रही है। वाराणसी में गंगा नदी एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रही है, जिससे नदी का जलस्तर 60.87 सेंटीमीटर तक पहुंच गया है।
हालांकि यह अभी चेतावनी स्तर 70.262 मीटर से काफी नीचे है, लेकिन इसके बावजूद तटीय इलाकों और घाटों की सीढ़ियों पर पानी आ चुका है, जिससे कई देवी-देवताओं के विग्रह जलमग्न हो गए हैं। बलिया में गंगा और सरयू का जलस्तर फिलहाल नियंत्रण में है, लेकिन सरयू नदी की तेज कटान से शनिवार देर रात एक मकान नदी में समा गया, जबकि दर्जनों अन्य घर कटान की जद में आने की कगार पर हैं। खौफ के मारे ग्रामीण अपने घरों को खुद ही तोड़कर सामान सुरक्षित ठिकानों पर ले जा रहे हैं।
गोंडा में बारिश के कारण घाघरा नदी खतरे के निशान 106.07 मीटर के सापेक्ष 105.32 मीटर पर पहुंच गई है। अयोध्या में सरयू का जलस्तर बढ़ गया है। अवध क्षेत्र के लखनऊ, अयोध्या, बलरामपुर और बहराइच जैसे जिलों में हो रही रिमझिम बारिश से मौसम सुहावना हो गया है और धान की रोपाई कर रहे किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। सुलतानपुर, अमेठी, रायबरेली और अंबेडकरनगर में सुबह से कभी तेज कभी धीमी बारिश होती रही।