Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    उत्तर प्रदेश के गांव बन रहे आत्मनिर्भर, गोबरधन योजना से पंचायतों की बंपर कमाई

    Updated: Tue, 31 Mar 2026 12:17 PM (IST)

    गोबरधन योजना से उत्तर प्रदेश की ग्राम पंचायतें स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आत्मनिर्भर बन रही हैं। ...और पढ़ें

    News Article Hero Image
    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    राज्य ब्यूरो, लखनऊ। गोबरधन योजना से ग्राम पंचायतों में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण के साथ ही पंचायतों की कमाई भी हो रही है। गोबर और जैविक कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन से गांवों में बायोगैस ऊर्जा और जैविक खाद का उत्पादन किया जा रहा है।

    जैविक खाद और गोबर से बने अन्य उत्पादों की बिक्री कर पंचायतों ने अप्रैल वर्ष 2023 से फरवरी वर्ष 2026 तक 28 लाख रुपये से अधिक की कमाई की है। बायोगैस ऊर्जा से गांवों में आटा चक्कियां और तेल पेराई की मशीनें चलाई जा रही हैं।

    गोबरधन योजना से कमाई के मामले में ललितपुर जिला सबसे आगे है। इस जिले की ग्राम पंचायतों ने योजना से 3,37,990 रुपये कमाए हैं। इसके बाद श्रावस्ती जिले में पंचायतों ने 2,87,036 रुपये तथा रामपुर जिले की पंचायतों ने 1,23,400 रुपये की कमाई की है।

    पंचायतों में स्थापित बायोगैस संयंत्रों के माध्यम से गोबर, रसोई कचरे और कृषि अवशेषों से स्वच्छ ऊर्जा और जैविक खाद तैयार किया जा रहा है। ऊर्जा का उपयोग गांवों में स्थानीय स्तर पर सुविधाओं के विकास के लिए किया जा रहा है। रामपुर जिले में बायोगैस ऊर्जा से तेल पिराई मशीनें चलाई जा रही हैं।

    खबरें और भी

    116 बायोगैस संयंत्र स्थापित हैं

    आगरा, ललितपुर, श्रावस्ती, बुलंदशहर, बांदा, सोनभद्र और हरदोई जिले में बायोगैस ऊर्जा से आटा चक्कियां चल रही हैं। पंचायती राज विभाग द्वारा राज्य के 74 जिलों में 116 बायोगैस संयंत्र स्थापित हैं। जैविक खाद का उपयोग किसान जैविक खेती में कर रहे हैं, जिससे खेती की लागत कम होने के साथ ही खेतों की उर्वरता में सुधार हो रहा है।

    यह भी पढ़ें- CM योगी पर टिप्पणी करने वाला मौलाना शिकंजे में, गोरखपुर की STF टीम ने बिहार से उठाया

    पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा है कि प्रदेश सरकार गांवों को स्वच्छ, आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।

    जिसके तहत गोबरधन योजना को प्रोत्साहित किया रहा है। पंचायतों की कमाई बढ़ने से स्थानीय विकास कार्यों को तेज करने में मदद मिलेगी। निदेशक पंचायती राज विभाग अमित कुमार सिंह ने कहा है कि इस योजना को अन्य पंचायतों में भी विस्तार दिया जाएगा।