यूपी में अवध से पूर्वांचल तक नदियों के जलस्तर में उतार-चढ़ाव, कई जिलों में कटान से दहशत; प्रशासन अलर्ट
प्रदेश में शारदा, घाघरा और गंगा सहित कई नदियों के जलस्तर में उतार-चढ़ाव जारी है, हालांकि अधिकांश खतरे के निशान से नीचे हैं। ...और पढ़ें

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HighLights
नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे, पर उतार-चढ़ाव जारी।
कई जिलों में कटान तेज, प्रशासन ने बढ़ाई सतर्कता।
संक्रामक रोग और पशु चारे का संकट गहराया, राहत कार्य जारी।
जागरण टीम, लखनऊ। प्रदेश में शारदा, घाघरा और गंगा नदियों के जलस्तर में लगातार उतार-चढ़ाव जारी है। हालांकि अधिकांश स्थानों पर नदियां अभी खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं, लेकिन कई जिलों में कटान तेज होने से प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है।
तटवर्ती गांवों में संक्रामक रोग फैलने और पशुओं के चारे का संकट भी गहराने लगा है। लखीमपुर में बनबसा बैराज से शारदा नदी में पानी छोड़े जाने के बाद जलस्तर बढ़ा है। सीतापुर में भी पानी का डिस्चार्ज बढ़ा, लेकिन शारदा और घाघरा दोनों खतरे के निशान से नीचे हैं।
बहराइच में घाघरा का जलस्तर एक सेंटीमीटर बढ़ा है। बाराबंकी में सरयू का पानी तीन तहसीलों के कई गांवों तक पहुंच गया है। जैन पुरवा सहित कई बस्तियों में कटान तेज है और प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है।
गोंडा के नवाबगंज क्षेत्र में चार स्थानों पर कटान जारी है। अयोध्या में सरयू का जलस्तर तेजी से घटकर खतरे के निशान से 81 सेंटीमीटर नीचे पहुंच गया है।पूर्वांचल में बलिया के गोपालनगर टाड़ी में गंगा की कटान विकराल हो गई है। 12 मकान कटान की जद में हैं।
प्रशासन ने बाढ़ खंड के अधिकारियों को राहत कार्य तेज करने और संवेदनशील स्थलों पर 24 घंटे निगरानी के निर्देश दिए हैं। मऊ में जलस्तर घटकर खतरे के निशान से 75 सेंटीमीटर नीचे पहुंचने के बाद कटान तेज हो गई है।
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वहीं भदोही और वाराणसी में गंगा का जलस्तर स्थिर है और फिलहाल बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है। प्रशासन ने सभी संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी और राहत व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
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