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यूपी में सेमीकंडक्टर बनाएंगी ताइवान की कंपनियां, लखनऊ बनेगा चिप डिजाइन का केंद्र

Published: Fri, 11 Sep 2026 09:12 AM (IST)

यूपी सरकार ताइवानी कंपनियों के साथ मिलकर प्रदेश में सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग को बढ़ावा दे रही है।

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HighLights

  1. यीडा में फॉक्सकॉन-एचसीएल परियोजना से सेमीकंडक्टर बेस तैयार।

  2. ताइवान से तकनीकी साझेदारी, इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग को नई ऊंचाई।

  3. लखनऊ में चिप डिजाइन, अनुसंधान एवं विकास के अवसर।

पुलक त्रिपाठी, लखनऊ। प्रदेश में सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रानिक्स उद्योग को नई ऊंचाई देने की तैयारी है। यूपी सरकार ताइवान की कंपनियों के साथ तकनीकी साझेदारी और औद्योगिक इकोसिस्टम तैयार करने की दिशा में जुट गई है।

यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) में फाक्सकान-एचसीएल की 3,706 करोड़ रुपये की परियोजना के साथ सेमीकंडक्टर क्षेत्र में बेस तैयार हो चुका है।

अब ताइवान की अन्य कंपनियों को भी यूपी में लाने के प्रयास हैं। इससे लखनऊ में चिप डिजाइन, अनुसंधान एवं विकास, कौशल प्रशिक्षण और स्टार्टअप के नए अवसर बन सकते हैं।

उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने किया ताइवान का दौरा

प्रमुख सचिव आईटी एवं इलेक्ट्रानिक्स आलोक कुमार के नेतृत्व में प्रदेश के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने हाल में ताइवान का दौरा किया। प्रतिनिधिमंडल ने सेमीकान ताइवान 2026 में हिस्सा लिया और ताइवान की प्रमुख कंपनियों के साथ सेमीकंडक्टर निर्माण, इलेक्ट्रानिक्स, सेंसर, डेटा सेंटर, आरएंडडी और तकनीकी सहयोग पर चर्चा की।

प्रदेश में ताइवान से जुड़ी सबसे महत्वपूर्ण परियोजना एचसीएल ग्रुप और फाक्सकान की संयुक्त परियोजना है। करीब 3,706 करोड़ रुपये की लागत से इसे यीडा क्षेत्र में स्थापित किया जा रहा है।

इसके तहत ओएसएटी सुविधा विकसित की जा रही है। प्रस्तावित प्लांट में हर महीने करीब 20 हजार वेफर्स और 3.6 करोड़ चिप्स तैयार करने की क्षमता होगी। यहां स्मार्टफोन, लैपटाप, आटोमोबाइल और अन्य इलेक्ट्रानिक उत्पादों में इस्तेमाल होने वाले डिस्प्ले ड्राइवर इंटीग्रेटेड सर्किट बनाए जाएंगे।

यीडा में बन सकता है ताइवानी कंपनियों का बड़ा केंद्र

प्रदेश के लिए प्रस्तावित ताइवान इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रानिक मैनुफैक्चर एसोसिएशन (टीमा) टेक्नालाजी पार्क भी अहम है। टीमा का उद्देश्य ताइवान की कंपनियों और उनके सप्लायर को एक ही क्षेत्र में लाकर इलेक्ट्रानिक्स और सेमीकंडक्टर का मजबूत औद्योगिक क्लस्टर तैयार करना है।

कोशिश है कि बड़ी कंपनियों के साथ उनके कंपोनेंट निर्माता, उपकरण निर्माता और सप्लायर भी यहां आएं। इससे सेमीकंडक्टर उद्योग का पूरा नेटवर्क प्रदेश में विकसित किया जा सकेगा।

लखनऊ की भूमिका विनिर्माण से अलग

इंटरनेशनल कंफडरेशन आफ ट्रेड एंड इंडस्ट्रीज (आईसीटीआई) यूपी के चेयरमैन हसन याकूब ने बताया कि ताइवान प्रदेश के लिए निवेश के साथ तकनीकी साझेदारी का बड़ा माध्यम बन सकता है।

फाक्सकान परियोजना महत्वपूर्ण शुरुआत है, लेकिन ताइवान के व्यापक सप्लायर और तकनीकी इकोसिस्टम को प्रदेश में लाना इससे बड़ा अवसर है। लखनऊ चिप डिजाइन, आरएंडडी, स्किलिंग और इनोवेशन के केंद्र के रूप में विकसित हो सकता है।

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