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    UP Weather: आज लखनऊ सहित 55 जिलों में भारी बारिश का ऑरेज अलर्ट, 24 घंंटे के लिए मानसून मेहरबान

    Updated: Mon, 20 Jul 2026 10:39 AM (IST)

    उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी पर बने निम्न दबाव क्षेत्र से उत्तर प्रदेश में मानसून फिर सक्रिय हो गया है, जिससे 21 जुलाई तक भारी वर्षा का ऑरेंज अलर्ट जा ...और पढ़ें

    फाइल।

    फाइल।

    HighLights

    1. उत्तर प्रदेश में मानसून फिर से सक्रिय, व्यापक वर्षा के आसार।

    2. 21 जुलाई तक भारी बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी।

    3. खरीफ फसलों के लिए लाभदायक, किसानों को कृषि सलाह।

    जागरण संवाददाता, लखनऊ। उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी पर बने सुस्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र और मानसून दक्षिण की ओर खिसकने से उत्तर प्रदेश में एक बार फिर मानसून सक्रिय हो गया है। मानसूनी द्रोणी के प्रदेश के तराई इलाकों से दक्षिण की ओर खिसककर अमृतसर, करनाल, हरदोई, रांची एवं दीघा होते हुए उत्तरी पूर्वी बंगाल की खाड़ी तक जाने से प्रदेश में मानसूनी सक्रियता तेजी बढ़ रही है। इस कारण प्रदेश में व्यापक वर्षा के आसार बन रहे हैं।

    फिलहाल रविवार से सुबह से ही राजधानी सहित कई जिलों में बारिश जारी है। मौसम विभाग ने 21 जुलाई तक भारी वर्षा के लिए ऑरेंज अलर्ट किया है। इसके बाद 24 जुलाई तक प्रदेश के दक्षिणी भाग में कहीं-कहीं भारी वर्षा की यलो वार्निंग जारी की गई है।

    राजधानी में पिछले करीब 10 घंटे से हो रही रिमझिम बारिश ने मौसम सुहाना कर दिया है और किसानों के चेहरों पर भी खुशी लौटा दी है।

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    बारिश के बीच निकलती गाड़ी।

    उत्तर पश्चिमी दिशा में आगे बढ़ रहा मानसून

    यह बारिश धान, ज्वार, बाजरा, मक्का, रागी, सांवा, कोदो, उड़द और अरहर जैसी खरीफ फसलों के लिए बेहद लाभदायक साबित होगी। बख्शी का तालाब के चंद्रभानु गुप्त कृषि महाविद्यालय के कृषि कीट विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. सत्येंद्र कुमार सिंह ने बताया कि किसान कद्दू, लौकी, करेला और तरोई जैसी बेल वाली सब्जियों के लिए मजबूत मचान तैयार करें तथा खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था रखें।

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    40 दिन फसल के लिए महत्वपूर्ण

    डॉ. सत्येंद्र कुमार सिंह ने बताया कि मिर्च, टमाटर और बैंगन की रोपाई जल्द पूरी कर लें तथा भिंडी, ग्वार और लोबिया की बुआई भी समय रहते कर दें। धान की रोपाई के बाद शुरुआती 40 दिन फसल के लिए सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। इस दौरान खरपतवार और दीमक का प्रकोप उत्पादन को 30 से 40 प्रतिशत तक प्रभावित कर सकता है।

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    जलभराव से बचाएं

    डॉ. सत्येंद्र कुमार सिंह का मानना है कि यह हल्की बारिश सभी फसलों के लिए लाभकारी है और जमीन के अंदर तक नमी पहुंचेगी। किसान मेड़बंदी के साथ ही जल निकासी की निगरानी करते रहें जिससे सब्जियों को जलभराव से बचाया जा सके।