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    यूपी में 70 लाख बिजली उपभोक्ताओं को राहत की तैयारी, प्रीपेड मीटर किए जाएं पोस्टपेड

    Updated: Thu, 09 Apr 2026 07:34 AM (IST)

    केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण द्वारा प्रीपेड मीटर की अनिवार्यता समाप्त करने के बाद, उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने विद्युत नियामक आयोग से 7 ...और पढ़ें

    70 लाख प्रीपेड मीटर पोस्टपेड किए जाने की तैयारी।

    70 लाख प्रीपेड मीटर पोस्टपेड किए जाने की तैयारी।

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    राज्य ब्यूरो, लखनऊ। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण द्वारा स्मार्ट प्रीपेड मीटर की अनिवार्यता समाप्त करने संबंधी पहली अप्रैल को अधिसूचना जारी होने के बाद उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने बुधवार को विद्युत नियामक आयोग का दरवाजा खटखटाया है।

    प्रस्ताव दाखिल कर परिषद ने आयोग से उपभोक्ताओं की सहमति के बिना प्रीपेड किए गए 70 लाख से ज्यादा स्मार्ट मीटर को फिर पोस्टपेड मोड में करने के लिए पावर कारपोरेशन को तत्काल निर्देश जारी करने की मांग की है।

    सात दिन में मांगा जवाब

    इस बीच आयोग ने विद्युत अधिनियम 2003 के उल्लंघन के संबंध में परिषद द्वारा पिछले दिनों कानपुर में बिजली दर पर जन सुनवाई के दौरान दाखिल की गई अवमानना याचिका पर पावर कारपोरेशन व केस्को से सात दिन में जवाब तलब किया है।

    परिषद अध्यक्ष अवधेश वर्मा का कहना है विद्युत अधिनियम के तहत प्राधिकरण की जारी अधिसूचना का पालन करते हुए बिजली कंपनियों द्वारा आठ दिन बाद भी प्रीपेड मीटर की अनिवार्यता समाप्त करते हुए उपभोक्ताओं को पोस्टपेड मोड में कनेक्शन देने का आदेश नहीं किया गया है।

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    70 लाख प्रीपेड को पोस्टपेड मीटर किया जाएगा

    बिना सहमति के प्रीपेड किए गए मीटर को पोस्टपेड में भी नहीं किया गया है। ऐसे में उन्होंने आयोग के अध्यक्ष अरविंद कुमार से मुलाकात कर प्रस्ताव सौंपते हुए सभी बिजली कंपनियों एवं पावर कारपोरेशन को उपभोक्ताओं की सहमति के बिना प्रीपेड मोड में परिवर्तित किए गए 70 लाख से ज्यादा स्मार्ट मीटरों को तत्काल पोस्टपेड मोड में परिवर्तित करने का आदेश जारी करने की मांग की है।

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    वर्मा का कहना है कि अधिसूचना जारी होने के आठ दिन बाद भी प्रदेश में नए कनेक्शनों पर प्रीपेड मीटर अनिवार्यता बनाए रखना तो केंद्र सरकार के आदेश की अवहेलना है। ऐसे में उपभोक्ताओं के अधिकारों के हनन के मद्देनजर बिजली कंपनियों के खिलाफ कड़े कदम उठाना जरूरी है।