RO-ARO परीक्षा में योगी सरकार की इस योजना के 10 अभ्यर्थियों ने लहराया परचम, बेहतर माहौल ने दिलाई सफलता
मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत तैयारी कर रहे 10 अभ्यर्थियों ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की आरओ/एआरओ परीक्षा में सफलता हासिल की है। इनमें नौ पुरुष ...और पढ़ें

अभ्युदय योजना से आरओ- एआरओ में 10 अभ्यर्थी सफल।
HighLights
10 अभ्यर्थी मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना से RO/ARO में सफल।
योजना के तहत 25 महीने की तैयारी से मिली सफलता।
आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को मुफ्त कोचिंग मिलती है।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा घोषित आरओ/एआरओ परीक्षा परिणाम में इस योजना से जुड़े 10 अभ्यर्थियों ने सफलता हासिल की है। इन सफल अभ्यर्थियों में नौ पुरुष और एक महिला शामिल हैं।
चयनित अभ्यर्थियों में चित्रकूट के दिवाकर सिंह, महोबा के दीपेश कुमार खरे, सहारनपुर के विशेष प्रजापति और मोहित कनौजिया, महोबा के प्रदीप राजपूत, बाराबंकी के संजीत कुमार वर्मा, लखनऊ के मृत्युंजय सिंह, पीलीभीत के अविनाश कुमार, खुशबू पटेल और औरैया के धर्मेंद्र शामिल हैं।
अभ्यर्थियों ने अभ्युदय योजना के तहत करीब 25 महीनों तक तैयारी की। समाज कल्याण विभाग के उपनिदेशक आनंद कुमार सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन मेधावी छात्रों को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की मुफ्त तैयारी कराई जाती है। हर साल इस योजना से जुड़ने वाले अभ्यर्थियों की संख्या बढ़ रही है।
RO-ARO में अनिल पांडेय ने किया टॉप
RO/ARO परीक्षा में मेधावियों ने परचम लहराते हुए नाम रोशन किया है। उनके चयन से उनके गांवों व क्षेत्र में हर्ष का माहौल रहा। उनके घरों पर पहुंचकर लोग माला पहनाकर व मिठाई खिलाकर उन्हें बधाई दी।
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राजेसुल्तानपुर के तुलसीपुर गांव निवासी अनिल पांडेय ने पहली रैंक हासिल कर समीक्षा अधिकारी बने हैं। इन्हें यह सफलता दूसरे प्रयास में मिली है।
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