रायबरेली में बनेगा प्रदेश का पहला उद्यान महाविद्यालय, योगी कैबिनेट ने 22 हेक्टेयर भूमि के लिए दी मंजूरी
योगी कैबिनेट ने रायबरेली में प्रदेश के पहले उद्यान महाविद्यालय की स्थापना को मंजूरी दे दी है। यह महाविद्यालय चंद्रशेखर आजाद कृषि विश्वविद्यालय, कानपुर ...और पढ़ें

रायबरेली में स्थापित होगा प्रदेश का पहला उद्यान महाविद्यालय। AI जेनरेटेड फोटो
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रायबरेली में प्रदेश का पहला उद्यान महाविद्यालय बनेगा।
योगी कैबिनेट ने 22 हेक्टेयर भूमि हस्तांतरण को मंजूरी दी।
कानपुर कृषि विश्वविद्यालय के तहत होगा संचालित।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। कृषि के साथ उद्यानिकी को बढ़ावा दे रही प्रदेश सरकार अब रायबरेली में राज्य का पहला उद्यान महाविद्यालय स्थापित कराने जा रही है। कैबिनेट बैठक में इसकी स्थापना के लिए कृषि विभाग की 22 हेक्टेयर भूमि कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग को निश्शुल्क हस्तांतरित किए जाने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी है।
यह महाविद्यालय चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कानपुर के तहत संचालित किया जाएगा। इससे प्रदेश में उद्यान शिक्षा के विस्तार को नई गति मिलने की उम्मीद है।
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कानपुर, आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय अयोध्या, बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय बांदा, सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय मेरठ और निजी क्षेत्र का सैम हिग्गिनबाटम कृषि, प्रौद्योगिक एवं विज्ञान विश्वविद्यालय प्रयागराज में संचालित हैं।
वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में कृषि गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से महात्मा बुद्ध कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुशीनगर की स्थापना की जा रही है। वर्तमान में सभी कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालयों में उद्यान विभाग संचालित हैं, जहां उद्यान विषयक अध्ययन-अध्यापन का कार्य किया जाता है।
अब चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कानपुर के तहत रायबरेली में अलग से उद्यान महाविद्यालय की स्थापना का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इस परियोजना पर लगभग 50 करोड़ रुपये का व्यय अनुमानित है। महाविद्यालय की स्थापना के लिए रायबरेली प्रशासन ने ग्राम पड़ेरा में भूमि चिह्नित की थी।
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कैबिनेट के निर्णय के अनुसार उपलब्ध 44.888 हेक्टेयर भूमि में से 22 हेक्टेयर भूमि कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग को हस्तांतरित की जाएगी। महाविद्यालय की स्थापना से प्रदेश में औद्यानिक शिक्षा, अनुसंधान व आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा मिलेगा।
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