भारत-नेपाल तक फैला नशे का सिंडिकेट, सीमा पर लगातार पकड़ी जा रही नशीली दवा की खेप
भारत-नेपाल सीमा पर नशीली दवाओं की तस्करी का एक बड़ा सिंडिकेट सक्रिय है, जहाँ पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं। हाल के महीनों में ...और पढ़ें

महराजगंज से नेपाल तक सक्रिय तस्करों का नेटवर्क। जागरण
HighLights
भारत-नेपाल सीमा पर सक्रिय है नशीली दवाओं का सिंडिकेट।
महराजगंज और नेपाल में करोड़ों की दवाएं, इंजेक्शन बरामद।
तस्करों को गिरफ्तार कर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई।
जागरण संवाददाता, नौतनवा (महराजगंज)। भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में नशीली दवाओं की तस्करी का सिंडिकेट लगातार सामने आ रहा है। तस्कर कभी मेडिकल एजेंसी की आड़ में तो कभी वाहनों और गुप्त ठिकानों से प्रतिबंधित दवाओं की खेप नेपाल पहुंचाने में जुटे हैं।
पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई में पिछले कुछ महीनों में बड़ी मात्रा में नशीले इंजेक्शन और दवाएं बरामद हुई हैं। इन मामलों से सीमा पार सक्रिय नेटवर्क के संकेत मिल रहे हैं। क्षेत्राधिकारी बसंत सिंह ने बताया कि सीमावर्ती थानाध्यक्षों को तस्करी रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
केस-एक
27 जुलाई को नेपाल के नवलपरासी जिले के रामग्राम नगरपालिका-1 स्थित एक घर पर संयुक्त पुलिस टीम ने छापेमारी की। तलाशी के दौरान घर में छिपाकर रखे डायजेपाम, फेनरगान और बुप्रेनॉर्फिन के 1243 नशीले इंजेक्शन बरामद हुए। पुलिस ने गणेश गुप्ता को गिरफ्तार कर मादक पदार्थ तस्करी के आरोप में कार्रवाई शुरू कर दी।
केस दो
26 जुलाई को नेपाल के नवलपरासी (पश्चिम सुस्ता) जिले के पाल्हीनन्दन गांवपालिका-5, गेर क्षेत्र में भारतीय नंबर की बाइक से दो भारतीय को पकड़ा गया। जो बरगदवा निवासी है, उसके पास से डायजेपाम के 198, फेनरगन के 197 और बुप्रेनॉर्फिन के 199, कुल 594 एम्पुल मादक पदार्थ बरामद किए गए।
केस तीन
13 जुलाई को नेपाल के पोखरा में कार सवार पांच भारतीय नागरिकों को नशीली दवाओं की खेप के साथ पकड़ा गया। जांच में सामने आया कि भारत से नेपाल तक दवाओं को पहुंचाने के लिए वाहन का इस्तेमाल किया जा रहा था।
केस चार
सात जून को ठूठीबारी पुलिस ने मेडिकल एजेंसी की आड़ में नशीली दवाओं की तस्करी करने वाले 10 हजार रुपये के इनामी तस्कर रफीक अंसारी को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार आरोपित लंबे समय से प्रतिबंधित दवाओं के कारोबार में शामिल था।
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केस पांच
श्यामदेउरवा में एक करोड़ से अधिक की दवाएं बरामद सात मई को श्यामदेउरवा पुलिस ने ट्रैमालैब, एलजोमैक, अल्ट्रापार समेत एक करोड़ रुपये से अधिक कीमत की नशीली दवाओं के साथ तस्करों को पकड़ा था। इस मामले में आरोपितों पर बाद में 5 जून को गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई।
केस छह
10 अप्रैल को पुरंदरपुर पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने रानीपुर चौराहे के पास नेपाल भेजी जा रही 5700 नशीले इंजेक्शन की खेप पकड़ी थी। पुलिस ने राजेंद्र और आदित्य नाम के दो तस्करों को गिरफ्तार किया था। सीमा क्षेत्र में लगातार सामने आ रहे इन मामलों से साफ है कि नशीली दवाओं का कारोबार करने वाले तस्कर संगठित तरीके से काम कर रहे हैं। भारत से दवाओं की खेप नेपाल पहुंचाने के लिए अलग-अलग रास्तों और तरीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हैं।