सोहगीबरवा को इको टूरिज्म के लिए विकसित करने की योजना, भेजा गया प्रस्ताव
महाराजगंज में सोहगीबरवा वन्यजीव अभयारण्य को इको टूरिज्म केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए 20 करोड़ रुपये का प्रस्ताव पर्यटन विभाग को भेजा गया है। इ ...और पढ़ें
-1784703471186_m.webp)
सोहगीबरवा वन्यजीव अभयारण्य। जागरण
HighLights
सोहगीबरवा अभयारण्य 20 करोड़ से बनेगा इको टूरिज्म केंद्र।
मगरमच्छ प्रजनन केंद्र, दर्जिनिया ताल, टेल फाल होंगे विकसित।
जंगल सफारी, बर्ड वाच टावर, ईको लाज की योजना।
जागरण संवाददाता, महराजगंज। सोहगीबरवा वन्यजीव अभयारण्य को इको टूरिज्म (पर्यावरण के साथ पर्यटन) के रूप में विकसित करने के लिए जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। झुलनीपुर स्थित मगरमच्छ प्रजनन केंद्र से लेकर दर्जिनिया ताल, टेल फाल, झुलनीपुर बैराज और नारायणी नदी तक फैले प्राकृतिक क्षेत्र को पर्यटन के लिए विकसित करने हेतु 20 करोड़ रुपये की परियोजना का प्रस्ताव पर्यटन विभाग को भेजा गया है।
जिला प्रशासन द्वारा तैयार प्रस्ताव में निचलौल तहसील के झुलनीपुर क्षेत्र में दर्जिनिया ताल, मगरमच्छ प्रजनन केंद्र, टेल फाल, झुलनीपुर बैराज, नहर श्रृंखला और नारायणी नदी को एकीकृत कर इको टूरिज्म सर्किट विकसित करने की योजना बनाई गई है। भारत-नेपाल सीमा के निकट स्थित यह क्षेत्र अपनी समृद्ध जैव विविधता, घने जंगलों और प्राकृतिक सौंदर्य के कारण राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित करने की अपार संभावनाएं रखता है।
परियोजना के तहत जंगल सफारी के लिए नए रूट और नेचर ट्रेल विकसित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त बर्ड वाच टावर, पर्यटक सुविधा केंद्र, ईको लाज, कैफेटेरिया, पार्किंग, दिशासूचक संकेतक, प्रकाश व्यवस्था तथा अन्य आधारभूत पर्यटन सुविधाओं के विकास का भी प्रस्ताव है, ताकि पर्यटकों को बेहतर और सुरक्षित अनुभव मिल सके।
जिला सूचना अधिकारी प्रभाकर मणि त्रिपाठी ने बताया कि इस परियोजना के क्रियान्वयन से जिले में इको टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, और सीमा क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
यह भी पढ़ें- गोरखपुर से जब भी दौड़ी डॉल्फिन रेस्क्यू एंबुलेंस, मिली सफलता
महराजगंज प्रदेश के पर्यटन मानचित्र पर एक प्रमुख प्राकृतिक पर्यटन स्थल के रूप में अपनी पहचान बना सकेगा। जिला प्रशासन ने पर्यटन विभाग से परियोजना का परीक्षण कर शीघ्र वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान करने का अनुरोध किया है।
सोहगीबरवा की प्राकृतिक संपदा और जैव विविधता को संरक्षित रखते हुए पर्यटन के रूप में विकसित करना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। प्रस्तावित इको टूरिज्म परियोजना से क्षेत्र में पर्यटन को नई पहचान मिलेगी, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और सीमा क्षेत्र के आर्थिक विकास को गति मिलेगी।
-गौरव सिंह सोगरवाल, जिलाधिकारी, महराजगंज