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    महराजगंज पुलिस का अनोखा पक्षी प्रेम, घायल कबूतर का कराया इलाज, दिया आश्रय

    Updated: Fri, 17 Apr 2026 01:53 PM (IST)

    घुघली थाने में एक कबूतर पंखे से टकराकर गंभीर रूप से घायल हो गया। थानेदार कुंवर गौरव सिंह ने तुरंत हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल को भेजकर उसका इलाज कराया। ...और पढ़ें

    घायल कबूतर को दाना खिलाते थानाध्यक्ष कुंवर गौरव सिंह। जागरण

    घायल कबूतर को दाना खिलाते थानाध्यक्ष कुंवर गौरव सिंह। जागरण

    HighLights

    1. घुघली थाने में पंखे से कबूतर घायल हुआ।

    2. थानेदार ने तुरंत इलाज और देखभाल का आदेश दिया।

    3. पुलिस के पक्षी प्रेम की खूब सराहना हुई।

    अनुज कुमार तिवारी, घुघली, (महराजगंज)। घुघली थाना पर कल सुबह करीब 10 बजे घुघली पुलिस का पक्षी प्रेम और उसकी दरियादिली की एक अनूठा एवं मर्मस्पर्शी उदाहरण देखने को मिला। हुआ यूं कि थानेदार अभी थाना भवन के बाहर पोर्च के नीचे बैठकर फरियाद लेकर आए फरियादियों की प्रार्थना पत्र को एक एक कर निपटा रहे थे कि इसी बीच एक कबूतर उड़ते हुए तेज गति से चल रहे सीलिंग फैन के ब्लेड से टकराकर भूमि पर गिर गया और वह गंभीर
    रूप से चोटिल होकर भूमि पर तड़फड़ाने लगा।

    पंखे के ब्लेड से कबूतर के उदर में गहरा घाव हो जाने रक्तस्राव हो रहा था। जैसे ही थानेदार कुंवर गौरव सिंह की नजर घायल कबूतर पर पड़ी तो वह तुरंत थाने पर मौजूद हेड कांस्टेबल बाबूराम यादव एवं कांस्टेबल उज्ज्वल दीक्षित को फौरन आदेश फरमाते हुए पुरैना चौराहे पर एक निजी चिकित्सक के यहां मरहम पट्टी व इलाज के लिए भेज दिया।

    थोड़ी देर बाद दोनों कांस्टेबल मरहम पट्टी कराकर घायल कबूतर को लेकर थाने पहुंचे। वहां थानेदार ने अपनी दया, पक्षी प्रेम और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए इलाज के बाद घायल कबूतर की स्वास्थ्य और कुशलता की जानकारी ली। उन्होंने हेड कांस्टेबल को फिर से पुरैना स्थित बाजार से एक बड़ा पिंजरा और दाना पानी के लिए प्लास्टिक की दो कटोरियां शीघ्र लाने के लिए भेजा।

    कांस्टेबल थोड़ी ही देर में पिंजरा, प्लास्टिक की दो कटोरी लेकर आए। दाना पानी का इंतजाम कर घायल कबूतर को पिंजरे डाल दिया गया। उसके पहले थानेदार ने कबूतर को पानी पिलाया और कुछ खाने को भी दिया।

    फिर उन्होंने सिपाहियों को थाना भवन के एक सुरक्षित कमरे में पिंजरे में बंद कबूतर को यह कहते हुए रखवा दिया कि जब तक दो चार दिनों में कबूतर पूरी तरह स्वस्थ और उड़ने लायक नहीं हो जाता तब तक उसे थाने पर रखकर देखभाल करना है। फिर उसे खुले आसमान में उड़ने के लिए पिंजरे से मुक्त कर दिया जाएगा।

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    यह सारी घटना के दौरान वहां उपस्थित लोगों ने घुघली पुलिस का पक्षी प्रेम और दरियादिली को देख वर्दी के पीछे एक कोमल दिल को दिल से लगा लिया। घटना के दौरान थाना पर बैठे इस संवाददाता को घुघली पुलिस की नेकदिल कारगुज़ारियों की सराहना करते हुए हियुवा के नेता भरत कुमार शुक्ल एवं अपना दल के पूर्व जिलाध्यक्ष जितेंद्र पटेल ने कहा कि दरियादिली का कोई यूनिफार्म नहीं होता।

    कभी कभी सख्त दिखने वाले हाथ ही सबसे नरम होते हैं और शायद पशु पक्षी भी इंसानों से बेहतर पहचानते हैं कि असली हमदर्द कौन है? प्रबुद्ध लोगों का कहना है कि बेसहारा एवं बेजुबान पशु पक्षियों को हिंसा का शिकार बनाने वाले लोगों को पुलिस की इस पक्षी प्रेम से सीख लेकर 'जिओ और जीने दो' के सिद्धांत को आत्मसात कर अपने मानव जीवन की सार्थकता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए।