महराजगंज में स्मार्ट मीटर का झटका, एक माह में कटी 18430 की बिजली
महराजगंज में प्रीपेड स्मार्ट मीटर लागू होने के बाद बिजली बिल भुगतान में सख्ती आई है। एक महीने में 18,430 उपभोक्ताओं की बिजली स्वतः कट गई, जिनमें से 5, ...और पढ़ें
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तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण
HighLights
एक माह में 18,430 उपभोक्ताओं की बिजली कटी।
250 संदिग्ध उपभोक्ताओं की आपूर्ति की जांच जारी।
बिजली चोरी के आरोप में आठ पर मुकदमा।
जागरण संवाददाता, महराजगंज। जिले में प्रीपेड स्मार्ट मीटर लागू होने के बाद बिजली उपभोक्ताओं पर भुगतान को लेकर सख्ती साफ दिखने लगी है। अब बैलेंस समाप्त होते ही या माइनस में जाते ही उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति स्वतः कट जा रही है। स्थिति यह है कि करीब एक माह में 18,430 उपभोक्ताओं की बिजली गुल कर दी गई है।
विभाग के अनुसार, 13 मार्च से 16 अप्रैल के बीच कुल 18,430 उपभोक्ताओं की बिजली इसी कारण से काटी गई। हालांकि, जिन उपभोक्ताओं ने समय रहते रिचार्ज या बकाया भुगतान कर दिया, उनमें से 5,551 के कनेक्शन दोबारा बहाल कर दिए गए हैं। उधर बिजली कटने के बावजूद कुछ उपभोक्ताओं के यहां आपूर्ति जारी रहने की आशंका पर विभाग ने सख्ती भी दिखाई है।
ऐसे करीब 250 संदिग्ध उपभोक्ताओं की पहचान की गई है, जिनकी जांच के लिए जेई और उपखंड अधिकारियों की टीम गठित की गई है। 13 मार्च के बाद कनेक्शन कटने के बावजूद सप्लाई की कोई स्पष्ट रिपोर्ट नहीं मिलने पर यह कार्रवाई की जा रही है। जबकि जिले में बिजली चोरी के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत आठ उपभोक्ताओं के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है।
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इसमें निचलौल क्षेत्र में चार, आनंदनगर में तीन और नौतनवा में एक मामला शामिल है। विभागीय टीम की जांच में अवैध रूप से बिजली उपयोग की पुष्टि होने पर यह कार्रवाई की गई। अधीक्षण अभियंता वाइपी सिंह ने बताया कि विद्युत बिल बकाया रहने पर डिस्काम से स्वत: बिजली कट जाएगी। यह व्यवस्था उपभोक्ताओं को समय पर भुगतान के प्रति जागरूक कर रही है और अनावश्यक बकाया बढ़ने से रोक रही है।
जिले के 93664 घरों में लगें स्मार्ट मीटर
महराजगंज जिले में स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य तेजी से जारी है। कुल 3,47,306 उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाए जाने हैं, जिनमें से अब तक 93,664 घरों में मीटर लग चुके हैं। इनमें से लगभग 54 हजार मीटर प्रीपेड सिस्टम में परिवर्तित किए जा चुके हैं। स्मार्ट मीटर से उपभोक्ताओं को अपनी खपत की सटीक जानकारी मिलेगी और बिलिंग प्रक्रिया भी पारदर्शी होगी।