सुदन गुरुंग के इस्तीफे से राजनैतिक अस्थिरता के मुहाने पर नेपाल, बालेन शाह सरकार पर दबाव बढ़ा
बालेन शाह सरकार में 26 दिनों के भीतर दो मंत्रियों, दीपक कुमार शाह और सुदन गुरुंग, के भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद इस्तीफे से नेपाल में राजनीतिक अस्थिरत ...और पढ़ें

बाएं से पूर्व गृहमंत्री सुदन गुरुंग, पूर्व श्रम मंत्री दीपक कुमार शाह। जागरण
HighLights
बालेन शाह सरकार से दो मंत्रियों का इस्तीफा, भ्रष्टाचार के आरोप।
दीपक शाह, सुदन गुरुंग पर लगे गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप।
नेपाल में राजनीतिक अस्थिरता बढ़ी, बालेन शाह सरकार बैकफुट पर।
विश्वदीपक त्रिपाठी, महराजगंज। प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में आए बालेंद्र शाह (बालेन शाह) मंत्रिमंडल से महज 26 दिनों के अंदर दो मंत्रियों की छुट्टी से सवाल उठने लगे हैं। इसका असर भारतीय सीमा से लगे जिलों में दिखाई दे रहा है। केंद्रीय श्रम, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा मंत्री दीपक कुमार शाह को पार्टी के आचार संहिता उलंघन व पत्नी जुनू श्रेष्ठ को स्वास्थ्य बीमा बोर्ड के सदस्य के रूप मे बनाए रखने के आरोप में बर्खास्त कर दिया गया था।
यह मामाला अभी ठंडा नहीं हुआ कि पीएम बालेन शाह के सबसे करीबी गृह मंत्री सुदन गुरुंग माइक्रो फाइनेंस कंपनियों में संदिग्ध निवेश के मामले में घिर गए। विवादित कारोबारी दीपक भट्ट के साथ व्यापारिक संबंध उजागर होने के बाद नेकपा एमाले व नेपाली कांग्रेस ने विरोध शुरू कर दिया।
पार्टी कार्यकर्ता राजधानी काठमांडू सहित भारतीय सीमा से सटे रुपंदेही, नवलपरासी कपिलवस्तु में प्रदर्शन कर गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग करने लगे। अंततः सुदन गुरुंग को खुद आगे बढ़कर नैतिकता का हवाला देकर अपने इस्तीफे की घोषणा करनी पड़ी।
भैरहवा निवासी सामाजिक कार्यकर्ता किशोर श्रेष्ठ ने कहा कि आखिरकार सुदन गुरुंग को इस्तीफा देना ही पड़ा। अगर वह इस्तीफा नहीं देते तो भ्रष्टाचार के विरुद्ध जारी बालेन शाह की लड़ाई स्वत: कमजोर हो जाती।
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नेपाली कांग्रेस के वार्ड नंबर नौ भैरहवा के सचिव फाणिंद्र पौडेल ने कहा कि गृहमंत्री सुदन गुरुंग द्वारा दिया गया इस्तीफा सकारात्मक है । इससे जांच में सहयोग मिलेगा । भैरहवा निवासी समाजसेवी कृष्ण पांडेय व बीएन गुप्ता ने कहा कि सुदन गुरुंग के जाने पर खुशी मनाने की कोई जरूरत नहीं है। हमने एक ईमानदार गृह मंत्री खोया है।
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भ्रष्टाचार से घिरे मंत्री तो बैकफुट पर आए बालेन शाह
27 मार्च 2026 को नेपाल के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद बालेन शाह ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए थे। कार्यभार संभालते ही पूर्व प्रधानमंत्री केपी ओली की गिरफ्तारी कर ली गई।
2005 से 2025 के बीच सत्ता संभालने वाले सात पूर्व प्रधानमंत्रियों की संपत्ति की जांच के आदेश ने आम जनता का भरोसा जीता था, लेकिन दो मंत्रियों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगते ही खुद बालेनशाह अब बैकफुट पर नजर आ रहे हैं। वहीं मौके का इंतजार कर रहे नेपाली कांग्रेस व ओली की पार्टी के कार्यकर्ता अब मुखर हो गए हैं।