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    'डिप्टी सीएम के स्टूल में लगा दूंगी अंतिम कील', पूर्व भाजपा जिला मंत्री दीपाली तिवारी ने केशव मौर्य को दी चुनौती

    Updated: Thu, 09 Jul 2026 06:51 PM (IST)

    भाजपा की पूर्व जिला मंत्री दीपाली तिवारी ने उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को चुनौती देते हुए एक वीडियो जारी किया है, जिसमें उन्होंने मतदाता सूची से ...और पढ़ें

    भाजपा की पूर्व जिला मंत्री दीपाली तिवारी।

    भाजपा की पूर्व जिला मंत्री दीपाली तिवारी।

    HighLights

    1. दीपाली तिवारी ने उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को चुनौती दी।

    2. मतदाता सूची से नाम कटवाने के दबाव का आरोप लगाया।

    3. भाजपा पर कार्यकर्ताओं के साथ गलत व्यवहार का आरोप।

    जागरण संवाददाता, महोबा। भाजपा की पूर्व जिला मंत्री दीपाली तिवारी और जिलाध्यक्ष मोहनलाल कुशवाहा के बीच का विवाद जो अप्रैल में शांत हुआ था, वह फिर गरमा गया है। दीपाली ने गुरुवार को इंटरनेट मीडिया पर 6.51 मिनट का वीडियो जारी कर नए सिरे से आरोप लगाए।

    वीडियो में उन्होंने मतदाता सूची से नाम कटवाने का दबाव, धमकी और समझौते के पीछे की कहानी बताई। साथ ही उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को लोकतांत्रिक तरीके से चुनौती भी दे दी। उन्होंने यहां तक कहा कि यदि संविधान को मानने वाले लोग साथ दें तो डिप्टी सीएम के स्टूल में वह आखिरी कील लगा देंगी।

    दीपाली ने बताया कि कुछ माह पहले भाजपा की ओर से उनकी ड्यूटी सरकारी विद्यालय में मतदाता बढ़ाने-घटाने के काम में लगाई गई थी। पार्टी कार्यकर्ताओं ने फॉर्म-7 दिए, जिनमें मुस्लिम और कुछ यादव समाज के लोगों के नाम कटवाने थे। बीएलओ से मिलने पर उसने कहा कि जिनके नाम कटवाने आई हैं वे काफी समय से महोबा के निवासी हैं, आप ऐसा क्यों कर रही हैं।

    इसके बाद वह जिलाध्यक्ष और जनप्रतिनिधियों से मिलीं और कहा कि किसी का अधिकार छीनना गलत है। जवाब मिला, शीर्ष नेतृत्व का आदेश है। आरोप है कि काम से मना करने के बाद उनके खिलाफ षडयंत्र शुरू हुआ। जांच टीम आई और कहा कि क्षेत्रीय उपाध्यक्ष की घोषणा यहीं से कर दी जाएगी।

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    मना करने पर धमकी दी गईपति को जेल में डाल देंगे, बच्चों का भविष्य बर्बाद कर देंगे। दबाव में आकर जिलाध्यक्ष से समझौता कराया गया। अब जिलाध्यक्ष मोहनलाल के समर्थक कह रहे हैं कि 10 लाख लेकर समझौता किया, जबकि सच यह है कि जांच टीम और उनके गुर्गों ने पैसे लेकर मामला खत्म किया।

    दीपाली ने कहा कि जांच टीम में शामिल महिला कल्याण निगम अध्यक्ष व प्रदेश उपाध्यक्ष कमलावती सिंह ने कहा था कि दो माह में मोहनलाल पर कार्रवाई होगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने कहा भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ ऐसा करती है। मैं देश के हर नागरिक और उस दल से अपील करती हूं जो संविधान और लोकतंत्र का सम्मान करता है, वे साथ दें।

    मैं उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को चुनौती देती हूं। यदि संविधान को मानने वाले साथ देंगे तो उनके स्टूल में अंतिम कील लगाऊंगी। कहा कि वह सिराथू विधानसभा की बेटी हैं। उनके बाबा स्व. मंगलाप्रसाद तिवारी तीन बार सिराथू से विधायक रहे। नेहरू जी उन्हें प्यार से जर्मन मास्टर कहते थे। वह दादा के पदचिह्नों पर चलना चाहती हैं।

    अप्रैल में दीपाली ने जिलाध्यक्ष मोहनलाल पर गंभीर आरोप लगाए थे। तब क्षेत्रीय अध्यक्ष के निर्देश पर आई जांच टीम में कमलावती सिंह और क्षेत्रीय महामंत्री संतविलास शिवहरे ने दोनों के बीच समझौता कराया था। अब जिलाध्यक्ष और पूर्व मंत्री का विवाद फिर से सुर्खियों में है।

    दीपाली ने जिला कार्यसमिति की घोषणा के बाद फिर से वहीं पद मिलने पर पद और भाजपा से इस्तीफा दे दिया था, जो स्वीकार भी हो गया था। जिलाध्यक्ष मोहनलाल कुशवाहा का कहना है कि वह अब भाजपा में नहीं है। मुझे कोई लेना देना नहीं है। जो वह कह रहीं है उनके अपने विचार हैं।

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