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    मैनपुरी में लंपी वायरस का खतरा, पशुपालन विभाग ने जारी की अहम एडवाइजरी

    Updated: Tue, 04 Aug 2026 03:01 PM (GMT+05:30)

    पशुपालन विभाग ने मैनपुरी में बरसात के मौसम में लंपी स्किन डिजीज (एलएसडी) के बढ़ते खतरे को देखते हुए पशुपालकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। विभाग ने पशु ...और पढ़ें

    सांकेतिक तस्वीर।

    सांकेतिक तस्वीर।

    HighLights

    1. पशुपालन विभाग ने लंपी स्किन डिजीज पर एडवाइजरी जारी की

    2. नियमित कीटनाशक छिड़काव और मच्छरों से बचाव की सलाह

    3. संक्रमित पशुओं को अलग रखने व टीकाकरण पर जोर

    जागरण संवाददाता, मैनपुरी। बरसात के मौसम में लंपी स्किन डिजीज (एलएसडी) के बढ़ते खतरे को देखते हुए पशुपालन विभाग ने पशुपालकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। विभाग ने पशु बाड़ों में नियमित कीटनाशक छिड़काव, मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाने और पशुओं का समय पर टीकाकरण कराने की सलाह दी है। अधिकारियों का कहना है कि सतर्कता बरतकर इस संक्रामक रोग के प्रसार को काफी हद तक रोका जा सकता है।

    संक्रमित पशुओं को अलग रखने व समय पर टीकाकरण कराने की अपील

    मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. सोमदत्त सिंह ने बताया कि बरसात के दौरान पानी जमा होने से मच्छर, मक्खी और किलनी जैसे वाहक तेजी से बढ़ते हैं। इनके माध्यम से लंपी वायरस एक संक्रमित पशु से दूसरे पशु तक पहुंचता है। संक्रमित पशुओं में तेज बुखार, शरीर पर गांठें, भूख कम लगना और दूध उत्पादन में कमी जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। गर्भित पशुओं में गर्भपात का खतरा भी रहता है।

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    पशुपालकों से संक्रमित पशुओं को अलग रखने की सलाह

    डॉक्टर सिंह ने पशुपालकों से संक्रमित पशुओं को अलग रखने, स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने और पशु चिकित्सक की सलाह के अनुसार उपचार कराने की अपील की। घावों की नियमित देखभाल, पशु बाड़ों में कीटनाशकों का छिड़काव तथा मच्छरदानी का उपयोग करने की सलाह भी दी गई है।