मैनपुरी: अग्निवीर बनने का सपना था, दो पक्षों की लड़ाई में गई जान; 6 भाई-बहनों में इकलौता था दिपांशु
मैनपुरी के किशनी क्षेत्र में खेत की मेड़ को लेकर हुए विवाद में फायरिंग के दौरान 18 वर्षीय दीपांशु की मौत हो गई। अग्निवीर बनने की तैयारी कर रहा दीपांशु ...और पढ़ें

जमीन के विवाद में गई युवक की जान।
HighLights
खेत की मेड़ विवाद में फायरिंग, 18 वर्षीय दीपांशु की मौत।
अग्निवीर बनने की तैयारी कर रहा था इकलौता भाई दीपांशु।
मृत्यु से छह बहनों और माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल।
जागरण संवाददाता, मैनपुरी। किशनी क्षेत्र के गांव छोटा हर्राजपुर में खेत पर कब्जे को लेकर रविवार की देर रात दो पक्षों के बीच हुए विवाद में फायरिंग की आवाज सुन ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। हमले में जान गंवाने वाले दीपांशु अग्निवीर में भर्ती होने के लिए तैयारी कर रहा था। इकलौते भाई की मृत्यु से छह बहनों और माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है।
महज खेत की मेड़ काटने पर रविवार की रात गांव छोटा हर्राजपुर में हुए खूनी संघर्ष में सोनपाल के 18 वर्षीय पुत्र दीपांशु की जान चली गई है। छह बहनों के बीच इकलौते पुत्र की मृत्यु के गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। सोमवार दोपहर को पोस्टमार्टम के बाद जब दीपांशु का शव गांव पहुंचा तो स्वजन में चीख पुकार मच गई। इकलौते भाई की मृत्यु से छह बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
मृतक के पिता सोनपाल ने बताया कि दीपांशु इंटर की पढ़ाई पूरी करने के बाद उनके साथ खेती में हाथ बंटाता था और वह अग्निवीर में भर्ती होने के लिए तैयारी कर रहा था। वह प्रतिदिन सुबह उठकर दौड़ लगाने जाता था। इधर रात हुए खूनी संघर्ष के दौरान जब फायरिंग शुरू हुई तो ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों का कहना है कि रात में दोनों पक्षों के बीच कहासुनी के बाद गाली गलौज गलौज शुरू हो गई।
देखते ही देखते दोनों पक्षों में डंडा चलने लगे। तभी राजेंद्र पक्ष की ओर से ताबड़तोड़ फायरिंग की गई। गोली की आवाज सुनकर ग्रामीण छत और जंगले से झांककर देखने लगे थे। रात में जब पुलिस गांव पहुंची तो इसके बाद भी ग्रामीण अपने-अपने घरों से बाहर आए। ग्रामीणों ने पुलिस की कार्यशैली पर भी नाराजगी व्यक्त की है।