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    121 सालों बाद मैनपुरी जंक्शन का हो रहा कायाकल्प, एंट्री गेट पर लगेगा संस्कृत में शिलापट्ट

    Updated: Tue, 21 Jul 2026 01:45 PM (GMT+05:30)

    मैनपुरी जंक्शन को 121 साल बाद अमृत भारत योजना के तहत नया स्वरूप मिल रहा है, जहां मुख्य प्रवेश द्वार पर लगे शिलापट्ट से उर्दू हटाकर संस्कृत को स्थान दि ...और पढ़ें

    121 साल बाद होगा कायाकल्प।

    121 साल बाद होगा कायाकल्प।

    HighLights

    1. 121 साल बाद मैनपुरी जंक्शन का हो रहा कायाकल्प।

    2. मुख्य द्वार के शिलापट्ट पर उर्दू की जगह संस्कृत।

    3. अमृत भारत योजना में मैनपुरी स्टेशन शामिल।

    बीरभान सिंह, मैनपुरी। 121 वर्ष बाद मैनपुरी जंक्शन को नया व आधुनिक स्वरूप ही नहीं मिल रहा, बल्कि नई भाषा में अलग पहचान भी मिलने जा रही है। अमृत भारत योजनांतर्गत निर्माणाधीन जंक्शन परिसर पर स्थापित शिला पट्ट से उर्दू भाषा गायब है। उर्दू के स्थान पर संस्कृत का स्वागत किया गया है। भारतीय रेल मंत्रालय के आदेश पर मुख्य प्रवेश द्वार के बाहर लगे शिला पट्ट पर संस्कृत के साथ हिंदी और अंत में अंग्रेजी भाषा गुदवाई गई है।

    वर्ष 1905 में मैनपुरी रेलवे स्टेशन अस्तित्व में आया था। अमृत भारत योजनांतर्गत भारत सरकार ने वर्ष 2023 को मैनपुरी जंक्शन को भी अमृत स्टेशन में शामिल कर लिया था। उसके बाद से ही पुराने सभी निर्माण को ध्वस्त कर नए नक्शे और आधुनिक सुविधाओं के साथ जंक्शन का निर्माण कराया जा रहा है। 50 प्रतिशत से ज्यादा कार्य पूर्ण हो चुका है। रेल मंत्रालय द्वारा मुख्य प्रवेश द्वार के बाहर शिला पट्ट स्थापित कराया गया है।

    इस पट्टिका पर सबसे ऊपर रेल मंत्रालय भारत सरकार का लोगो लगा है। नीचे शिलान्यास से संबंधित जानकारी में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम के साथ 26 फरवरी 2024 को शिलान्यास की जानकारी शामिल की गई है। सब कुछ तो सामान्य ही है, लेकिन रेलवे द्वारा भाषा में किया गया बदलाव चर्चा में है। पूरे शिला पट्ट से उर्दू भाषा गायब है। सबसे पहले संस्कृत भाषा को सम्मान दिया गया है। मध्य में हिंदी और अंत में अंग्रेजी भाषा में शब्द उकेरे गए हैं।

    भवन के ऊपरी हिस्से में स्टेशन का नाम उर्दू में ही

    निर्माणाधीन जंक्शन के मुख्य भवन के सबसे ऊपरी हिस्से पर उत्तर मध्य रेलवे द्वारा जो नाम के बोर्ड लगवाए गए हैं, उनमें सबसे पहले अंग्रेजी और मध्य में हिंदी भाषा में मैनपुरी लिखा हुआ है, जबकि अंत में उर्दू भाषा में स्टेशन के नाम को स्थान मिला है।

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    मैनपुरी रेलवे स्टेशन से जुड़े तथ्य

    • 1905 में शिकोहाबाद से मैनपुरी ब्रांच लाइन चालू हुई थी।
    • 1906 में इस रेलवे लाइन का विस्तार फर्रुखाबाद तक किया गया था।

    भारत सरकार के आदेशानुसार अमृत स्टेशनों पर जो भी शिला पट्ट स्थापित कराए जा रहे हैं, उनमें उर्दू के स्थान पर संस्कृत भाषा को प्रमुखता दी गई है। उसके बाद हिंदी को रखा गया है। शिलान्यास तिथि वाले शिला पट्ट स्थापित कराए जा रहे हैं। - अमित सिंह, जनसंपर्क अधिकारी, उत्तर मध्य रेलवे, प्रयागराज।

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