बांकेबिहारी मंदिर में जन्माष्टमी पर मंगला आरती के लिए 600 लोगों को ही मिलेगा प्रवेश, बाकी बाहर स्क्रीन पर करेंगे दर्शन
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर की मंगला आरती में केवल 600 श्रद्धालु ही अंदर प्रवेश कर सकेंगे, बाकी बाहर स्क्रीन पर दर्शन करेंगे। ...और पढ़ें

ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर
HighLights
600 श्रद्धालु ही मंगला आरती में मंदिर के अंदर रहेंगे।
सेवायत सदस्यों ने वित्तीय अनियमितता और अनदेखी का आरोप लगाया।
जनसुविधाओं के लिए भूमि क्रय को नई समिति गठित।
संवाद सहयोगी, वृंदावन। ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर वर्ष में एक बार होने वाली मंगला आरती में छह सौ श्रद्धालु ही मंदिर के अंदर मौजूद रहेंगे। बाकी के श्रद्धालु बाहर लगाई गई स्क्रीन पर मंगला आरती के दर्शन करेंगे। शुक्रवार को मंदिर की उच्चाधिकार प्राप्त प्रबंधन समिति की बैठक में यह छह सौ श्रद्धालुओं की पिछले वर्ष की व्यवस्था को ही लागू रखने का निर्णय लिया गया।
दो माह में मंदिर की दानपेटिका में 3.90 लाख रुपये का दान मिला। बैठक में सेवायत सदस्य भी जमकर नाराज हुए। समिति पर सीधा आरोप लगाया कि उनकी अनदेखी की जा रही है। उनके सुझावों पर कोई चर्चा करने को तैयार नहीं है। रजिस्ट्री के अभिलेख मांगने के बाद भी नहीं उपलब्ध कराए गए, इससे साफ है कि रजिस्ट्री में वित्तीय अनियमितता की गई है।
मंदिर की उच्चाधिकार प्राप्त प्रबंधन समिति की 18वीं बैठक शुक्रवार को अध्यक्ष अशोक कुमार की अध्यक्षता में वृंदावन के शहीद लक्ष्मण सिंह सभागार में हुई। बैठक की शुरुआत में सेवायत सदस्य रजत गोस्वामी ने कहा कि हमारी लगातार अनदेखी की जा रही है।
हमने नियमावली मांगी थी ताकि बैठक के नियमों को समझ लें, लेकिन वह नहीं उपलब्ध कराई गई। बैठक से पहले ही उसका एजेंडा पिछली बैठक में मांगा गया था, लेकिन वह भी उपलब्ध नहीं कराया गया। हमारे सात दिन पहले भेजे एजेंडे पर कोई सुनवाई नहीं हुई। हमने जनसुविधा के सुझाव दिए, उनपर चर्चा नहीं की। दो प्रस्तावों पर मौखिक सुनवाई हुई है।
पत्रावलियों के नाम पर हमें केवल मिनट्स ही दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमने पिछली बैठक में कहा था कि हमने गलियारा के लिए अब तक की गई रजिस्ट्री के अभिलेख उपलब्ध कराने को कहा था, ताकि गड़बड़ी की जांच कर सकें, लेकिन आज तक अभिलेख नहीं उपलब्ध कराए गए।
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कहा कि हमारे किसी भी प्रस्ताव को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। समिति के सचिव सीपी सिंह केवल सरकार की मंशा के अनुरूप काम कर रहे हैं,मंदिर के नहीं। बैठक के बाद समिति अध्यक्ष अशोक कुमार ने मीडिया कर्मियों को बैठक की जानकारी देते हुए बताया कि जनसुविधाएं विकसित करने के लिए भूमि क्रय करने को सेवानिवृत्त जिला जज मुकेश मिश्र की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय समिति गठित की गई है, इसमें दो सेवायत सदस्य शैलेंद्रनाथ गोस्वामी व गोपेश गोस्वामी को रखा गया है।
उन्होंने बताया कि मंगला आरती के दौरान पिछले वर्ष छह सौ श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया गया था, यही व्यवस्था इस बार भी रखी जाएगी।
यह भी हुई चर्चा
- मंदिर में दर्शन का समय बढ़ाने के अध्यक्ष के प्रस्ताव पर सेवायत सदस्यों ने अन्य सेवायतों से चर्चा के बाद अगली बैठक में निर्णय लेने को कहा।
- मंदिर में आर्किटेक्ट की रिपोर्ट व सफाईकर्मियों के नए टेंडर पर विचार मंथन हुआ। सफाई के लिए नई कंपनी से पुराने कर्मचारियों को समाहित करने का प्रस्ताव रखा गया।
- दानपेटिका खोलने के दौरान बायोमैट्रिक प्रवेश और चेकिंग के बाद प्रवेश प्रक्रिया अपनाने का निर्णय हुआ। इसके लिए बैंक अधिकारियों के साथ बैठक कर अंतिम रूप दिया जाएगा।
- मंदिर में जगन्नाथ रथयात्रा पर चांदी का रथ न लगने पर अध्यक्ष ने आपत्ति जताई और जांच को कहा।
- भीड़ प्रबंधन के लिए चारों सदस्य सेवायत प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर व्यवस्था तय करेंगे।
- राजस्थान के करौली में मंदिर भूमि को लेकर न्यायालय में समिति अपना पक्ष रखेगी।
- सात सितंबर को समिति की अगली बैठक होगी।
सेवायत सदस्यों ने यह की मांग
- मंदिर में ऑनलाइन पंजीकरण के जरिए दर्शन की व्यवस्था शुरू की जाए।
- पूरे मंदिर परिसर को वातानुकूलित किया जाए।
- मंदिर के कर्मचारियों की बायोमैट्रिक व्यवस्था के तहत प्रवेश दिया जाए।
- ठाकुर की मुखारबिंद पर फोकस लाइट लगा रखी गई है, उसे हटाया जाए।
- सुप्रीम कोर्ट के अंतिम निर्देश के तहत मंदिर के आसपास गलियों के चौड़ीकरण का प्रस्ताव दिया था, इसके लिए सभी तैयार हैं, लेकिन हमारे प्रस्ताव को अहमियत नहीं दी जा रही है।
- आर्किटेक्ट की चयन प्रक्रिया पर हमने सवाल खड़े किए, उसे भी दरकिनार कर दिया गया।
बुजुर्ग महिला ने कहा, संपत्ति का विवाद न्यायालय में, फिर भी रजिस्ट्री
वहीं दूसरी ओर समिति की बैठक के दौरान जंगलकट्टी निवासी महिला राधारानी भी पहुंचीं। उन्होंने बैठक के बाद आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि 184 वर्गगज भूमि पर उनका मकान बना है। इसे लेकर बुजुर्ग महिला समेत उनके दो बेटों व चार बेटियों के बीच न्यायालय में वाद लंबित है। इसके बाद भी उनके एक बेटे राजू ने भ्रम में डालकर कागजात पर हस्ताक्षर कराए और 125 वर्गगज भूमि की रजिस्ट्री कर दी। यह गलत है, रजिस्ट्री निरस्त की जाए।
गलियारा प्रभावित लोगों ने दिया सुझाव पत्र
ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, सुगम दर्शन के लिए गलियारा प्रभावित लोगों ने सुझाव पत्र सौंपा। बैठक के बाद दिए पत्र में कहा कि दो पृथक होल्डिंग एरिया बनाकर श्रद्धालुओं के प्रवेश व निकास मार्गों को अलग-अलग करने के साथ मंदिर परिसर में विस्तृत बैरिकेडिंग विकसित की जाए।
मंदिर खुलने के समय के अनुसार चरणबद्ध प्रवेश व्यवस्था लागू हो। ऑनलाइन पंजीकरण प्रणाली प्रारंभ हो। सड़क चौड़ीकरण हो, इसमें सभी सहयोग करेंगे। दीपक पाराशर, देव गोस्वामी, किशोर चंद्र मिश्र, सोमनाथ गोस्वामी, सुमित मिश्र, सुमित मूर्तिवाले, दिलीप शर्मा, मोहन शर्मा, अशोक शर्मा मौजूद रहे।