अब घर-आंगन महकायेंगे बांकेबिहारी मंदिर के फूल, महिलाएं फूलों से बनाएंगी अगरबत्ती और गुलाब जल
ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर और वृंदावन के अन्य मंदिरों से निकलने वाले फूलों का अब सदुपयोग होगा। इन फूलों से अगरबत्ती, धूपबत्ती और गुलाब जल बनाए जाएंगे।महि ...और पढ़ें
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वृंदावन के ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में शुक्रवार को फूलबंगला के मध्य विराजमान ठाकुर बांकेबिहारी के दर्शन करते श्रद्धालु। - फोटो: जागरण।

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जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
संवाद सहयोगी, जागरण, वृंदावन। ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में सुबह और शाम अलग-अलग फूल बंगला सजाए जाते हैं। हजारों भक्त फूलमाला अर्पित करते हैं। यह सभी फूल बाद में कचरे के ढेर में जाते हैं।
अब इन फूलों से अगरबत्ती, धूपबत्ती और गुलाब जल तैयार किया जाएगा। ठाकुर बांकेबिहारी उच्चाधिकार प्राप्त प्रबंधन समिति के प्रस्ताव पर यह काम एक संस्था के सहयोग से होगा। उत्पाद तैयार करने वाली महिलाएं भी इससे आत्मनिर्भर बनेंगी और सरकार के खाते में भी धनराशि आएगी।
ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर उच्चाधिकार प्राप्त प्रबंधन समिति मंदिर में व्यवस्थाओं में सुधार के साथ कई प्रकल्पों पर विचार कर रही है। अब नई व्यवस्था के तहत मंदिर में अर्पित होने वाले फूलों से अगरबत्ती, धूपबत्ती और गुलाब जल तैयार कराने की तैयारी है।
समिति के प्रस्ताव पर मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण ने इसके लिए कानपुर की कानपुर की संस्था फूल से वार्ता की है। यह कंपनी केमिकल रहित प्राकृतिक तरीके से उत्पाद तैयार करेगी। इसमें उत्तर प्रदेश महिला कल्याण निगम का भी सहयोग होगा।
30 से 50 महिलाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। संस्था ही अपनी मशीन लगाएगी और महिलाओं को निश्शुल्क प्रशिक्षित करेगी। महिलाओं को एक निश्चित मानदेय पर काम पर रखेगी। मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष लक्ष्मी एन ने बताया कि संस्था से वार्ता हो गई है।
प्राधिकरण संस्था को स्थान उपलब्ध करा रही है। वृंदावन परिक्रमा मार्ग पर एक पुराने भवन की मरम्मत का कार्य चल रहा है। दस दिन में यह काम पूरा हो जाएगा।
ठाकुर बांकेबिहारी के अलावा अन्य मंदिरों के फूलों का भी उपयोग किया जाएगा। इसे कुटीर उद्योग के रूप में चलाया जाएगा। अपने संसाधनों से संस्था ही फूल लेकर आएगी। उन्होंने बताया कि उत्पाद बिक्री से जो भी आय होगी, उसका एक निश्चित प्रतिशत सरकार को भी मिलेगा।
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दस वर्ष पहले महिला आश्रय सदन शुरू हुआ था प्रोजेक्ट
उत्तर प्रदेश महिला कल्याण निगम ने कन्नौज की संस्था की सहायता से दस वर्ष पहले चैतन्य विहार स्थित महिला आश्रय सदन में ब्रजगंधा प्रोजेक्ट की शुरुआत की थी। मंदिर में उपयोग होने वाले फूलों से अगरबत्ती, धूपबत्ती, गुलाल, चंदन व गुलाब जल बनाया जाता था। लेकिन, कोविड काल में आश्रय सदन खाली हो गए। तब यह काम रोक दिया गया और दोबारा इसे शुरू नहीं किया जा सका।
50 क्विंटल से अधिक प्रतिदिन निकलते हैं फूल
ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर के साथ ही वृंदावन के अन्य मंदिरों से करीब 50 कुंतल से अधिक फूल -माला ठाकुर जी को अर्पित की जाती हैं। विशेष पर्वों पर यह दोगुणे हो जाते हैं।