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    वृंदावन परिक्रमा: तपती धरती, आसमान से बरसती आग... फिर भी नंगे पैर भक्तों के बढ़ रहे कदम

    Updated: Wed, 20 May 2026 03:20 PM (GMT+05:30)

    वृंदावन की पंचकोसीय परिक्रमा में भक्त भीषण गर्मी और तपती जमीन पर नंगे पैर चल रहे हैं, जिससे उन्हें छाले पड़ रहे हैं। सुविधाओं की कमी और उड़ती बालू के ...और पढ़ें

    वृंदावन के पंचकोसीय परिक्रमा में सिर से बरसती आग और गर्म धरती पर श्रद्धालुओं के बढ़ते कदम। लेकिन, प्रशासन की ओर से राहत को नहीं कोई व्यवस्था। - फोटो: जागरण

    वृंदावन के पंचकोसीय परिक्रमा में सिर से बरसती आग और गर्म धरती पर श्रद्धालुओं के बढ़ते कदम। लेकिन, प्रशासन की ओर से राहत को नहीं कोई व्यवस्था। - फोटो: जागरण

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    संवाद सहयोगी, वृंदावन। ये आस्था ही है कि मौसम को मात देकर देश दुनिया के भक्त नंगे पैर तपती धरती और आसमान से बरसती आग के बीच अपनी भक्ति की डोर को ईश्वर से बांधे आगे बढ़ रहे हैं। पंचकोसीय परिक्रमा के बारह किमी दायरे में भक्तों के विश्राम की न कोई व्यवस्था ही है और न ही परिक्रमा में ऐसी कहीं हरियाली दिखाई देती है, जहां वृक्षों की छांव में श्रद्धालु कुछ देर विश्राम करके राहत पा सकें।

    हालांकि परिक्रमा के विकास को शासन से करोड़ों रुपये का बजट अवमुक्त किया गया। लेकिन, परिक्रमा को पथरीला बनाकर हरियाली से अछूता ही अब तक रखा गया है। जबकि हर वर्ष मानसून के दौरान परिक्रमा में वन विभाग व सामाजिक संगठनों द्वारा पौधारोपण करवाया जाता है। लेकिन, अनदेखी के चलते रोपित हुए पौधे भी बड़े होने से पहले ही खत्म हो जाते हैं। जिसका खामियाजा श्रद्धालुओं को उठाना पड़ रहा है।

    पंचकोसीय परिक्रमा में सिर से बरसती आग और गर्म धरती पर श्रद्धालुओं के बढ़ते कदम

    ठाकुर बांकेबिहारी की नगरी में पुरुषोत्तम मास में देश दुनिया के लाखों भक्तों ने डेरा डाल रखा है। शहर के चप्पे-चप्पे पर शुरू हुई श्रीमद्भागवत कथा के साथ अनेक धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल होकर ये श्रद्धालु प्रतिदिन वृंदावन की पंचकोसीय परिक्रमा कर रहे हैं। लेकिन, परिक्रमा मार्ग में श्रद्धालुओं की सुविधा की अनदेखी सामने आ रही है।

    जिला प्रशासन ने परिक्रमा मार्ग में भले ही बालू डलवाकर राहत देने की कोशिश की। लेकिन, इस बालू पर पानी का छिड़काव न होने से पूरे परिक्रमा मार्ग में उड़ती बालू श्रद्धालुओं की मुसीबत बन रही है।

    श्रद्धालु अव्यवस्थाओं को दरकिनार कर परिक्रमा मार्ग में आगे बढ़ते ही दिखाई दे रहे

    भीषण गर्मी के मौसम में जब आसमान से बरसती आग और तपती धरती पर श्रद्धालु नंगे कदम परिक्रमा करते हैं तो उनके पैरों में छाले पड़ रहे हैं। लेकिन, आस्था में डूबे श्रद्धालु अव्यवस्थाओं को दरकिनार कर परिक्रमा मार्ग में आगे बढ़ते ही दिखाई दे रहे हैं।

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    अपर नगर आयुक्त सीपी सिंह ने कहा श्रद्धालुओं को परिक्रमा में गर्म जमीन से राहत देने को बालू डलवाई गई है। पानी का छिड़काव भी समय-समय पर करवाया जा रहा है। आगे भी श्रद्धालुओं की सहूलियत के लिए काम किया जाएगा।

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