सोने-चांदी के सिंहासन पर विराजे बांकेबिहारी: हरियाली तीज पर हरे वस्त्र किए धारण, लाखों भक्त करेंगे भव्य दर्शन
हरियाली तीज पर वृंदावन के बांकेबिहारी मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। ठाकुरजी को स्वर्ण-रजत हिंडोले में विराजमान कराया गया और श्रद्धालुओं ने आनंदपूर्वक दर्शन किए।
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हरियाली तीज पर स्वर्ण-रजत हिंडोला में विराजे ठाकुरजी।
HighLights
हरियाली तीज पर बांकेबिहारी मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी।
ठाकुरजी स्वर्ण-रजत हिंडोले में हरे परिधान में विराजमान हुए।
श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु मंदिर के पट निर्धारित समय से पहले खुले।
संवाद सहयोगी, वृंदावन (मथुरा)। हरियाली तीज पर शनिवार को भोर के अंधेरे से ही ठाकुर बांकेबिहारी की नगरी भक्तों की भीड़ मंदिर की ओर बढ़ने लगी। सुबह पांच बजे से ही बांकेबिहारी मंदिर के आसपास श्रद्धालुओं की भीड़ जुटना शुरू हो गई। जबकि मंदिर में हिंडोला को सजाया संवारा जा रहा था।
भक्तों की बढ़ती भीड़ को देख सेवायतों ने ठाकुर बांकेबिहारीजी जब बेशकीमती स्वर्ण-रजत हिंडोला में विराजमान करवाया और सुबह 7 बजकर 35 मिनट पर मंदिर के पट खोल दिए। तय समय से पहले मंदिर के पट खुलने का लाभ श्रद्धालुओं को भी मिला और सहूलियत के साथ बड़े ही आनंद से आराध्य बांकेबिहारी को हिंडोले में निहारा।
हिंडोले में हरे रंग का अद्भुत पोशाक धारण किए ठाकुर बांकेबिहारी की छवि को देख श्रद्धालु सुधबुध खो बैठे और जब भक्तों के बीच से बांकेबिहारी के जयकारे शुरू हुए तो पूरा वातावरण गूंज उठा।

स्वर्ण-रजत हिंडोला में विराजे बांकेबिहारी, गूंजे जयकारे।
श्रद्धालुओं की सहूलियत के लिए सुबह 7 बजकर 35 मिनट पर खुले आराध्य के दर्शन
ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में शनिवार की सुबह हरियाली तीज पर कुछ ऐसा ही माहौल देखने को मिला। सुबह 5 बजे से ही देश दुनिया से आए श्रद्धालुओं ने मंदिर के बाहर डेरा डाल लिया। श्रद्धालुओं की भीड़ को बढ़ते देख सेवायतों ने जल्दी दर्शन खोलने का निर्णय लिया और छह बजे मंदिर के पट खोल दिए। मंदिर के जगमोहन में बेशकीमती स्वर्ण रजत हिंडोले में हरे परिधान और हीरे-जवाहरात धारण कर आराध्य बांकेबिहारी झोटे ले रहे थे तो भक्तों की आस्था का ज्वार भी बढ़ता नजर आया।
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बांकेबिहारी के जयकारे
बांकेबिहारी के जयकारे और सावन की मल्हार के स्वर वातावरण में गूंज रहे थे। आस्था की डोर से भक्त आराध्य बांकेबिहारी को झोटे दे रहे थे। मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं का ठहराव भी हरियाली तीज पर पूरी तरह खत्म रहा। तो पीछे भी श्रद्धालुओं को रोकने की जरूरत नहीं पड़ी और हर श्रद्धालु बड़े ही आराम के साथ दर्शन करते हुए देखा गया। मंदिर के पट जल्दी खुलने का लाभ भी देखने को मिला। श्रद्धालु बड़ी राहत के साथ आराध्य के दर्शन करते हुए बाहर निकल रहे थे।
