यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 15, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Kavach Trial: 160 की स्पीड से दौड़ रही थी वंदे भारत, अचानक कोसीकलां में थम गए ट्रेन के पहिए, अधिकारी देखकर हुए खुश
Mathura News In Hindi Update ट्रेनों को दुर्घटनाओं से बचाने के लिए मंगलवार को खुद रेलवे बोर्ड की चेयरमैन जय वर्मा सिन्हा ने व्यवस्था परखी। पलवल से वृं ...और पढ़ें

HighLights
- रेलवे बोर्ड चेयरमैन ने स्पेशल ट्रेन से परखी कवच प्रणाली की कार्यक्षमता
- पलवल से वृंदावन रोड रेलवे स्टेशन तक चली ट्रेन
जागरण संवाददाता, मथुरा। ट्रेनों के सुरक्षित संचालन के लिए रेलवे प्रबंधन ट्रेनों में लगाई गई कवच डिवाइस का ट्रायल कर रहा है। पलवल से वृंदावन रोड स्टेशन के बीच कवच डिवाइस लगाने का काम पूरा हो चुका है। ये डिवाइस सिग्नल पर लगाए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि इस डिवाइस से ट्रेन हादसों में काफी कमी आएगी।
चेयरमैन जय वर्मा सिन्हा सोमवार को आठ कोच की स्पेशल वंदे भारत ट्रेन से 9.20 बजे पलवल रेलवे स्टेशन से चलीं। 160 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ी वंदे भारत को कोसीकलां के पास लाल सिग्नल दिखा तो ट्रेन के ब्रेक खुद लगने लगे। चालक को सतर्क करने के लिए डिवाइस आवाज देने लगी।
सफल माना है ये ट्रायल
ये ट्रायल सफल माना गया। 10.25 बजे वंदे भारत ट्रेन वृंदावन रोड रेलवे स्टेशन पहुंची। उन्होंने वृंदावन रोड रेलवे स्टेशन का निरीक्षण भी किया। यहां उन्होंने व्यवस्थाएं देखीं। इसके बाद 10.55 बजे वापस पलवल के लिए स्पेशल ट्रेन रवाना हो गई। एनसीआर जीएम रेलवे रविंद्र गोयल, एनआर जीएम शोभन चौधरी, डीआरएम तेज प्रकाश अग्रवाल, डीएससी आरपीएफ अनुभव जैन, स्टेशन निदेशक एसके श्रीवास्तव, स्टेशन प्रबंधक वीवी मंगल, आरपीएफ थाना प्रभारी अवधेश गोस्वामी, पीआरओ प्रशस्ति श्रीवास्तव मौजूद रहीं।
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इस तरह काम करेगा कवच
कवच डिवाइस रेल इंजन और सिग्नल पर लगाई जाती है। जीपीएस सिस्टम पर यह डिवाइस कार्य करती है। इस डिवाइस के माध्यम से ट्रेन चालक को एक किमी पहले ही सिग्नल के बारे में जानकारी मिल जाएगी। यदि चालक ध्यान नहीं देता है, तो सिस्टम सतर्क करने के लिए संदेश देगा और ट्रेन की गति को नियंत्रित करेगा।

