मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मस्थान कारसेवा: अधिकारियों ने रोकने का किया प्रयास, पीठाधीश्वर बोले - शिलापूजन अवश्य होगा
मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मस्थान मुक्ति कारसेवा की घोषणा के बाद अधिकारी सतर्क हो गए हैं। उन्होंने पीठाधीश्वर स्वामी सच्चिदानंद महाराज से कारसेवा रोकने को ...और पढ़ें

मथुरा: गोवर्धन के जुल्हैंदी स्थित श्रीचित्रगुप्त पीठ आश्रम पहुचे पुलिस और प्रशासन के अधिकारी। फोटो सौजन्य से आश्रम
HighLights
अधिकारियों ने श्रीकृष्ण जन्मस्थान कारसेवा रोकने का प्रयास किया।
पीठाधीश्वर स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने शिलापूजन पर जोर दिया।
राजस्थान से गुलाबी पत्थर 9 अगस्त को पहुंचेंगे आश्रम।
जागरण संवाददाता, मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मस्थान मुक्ति के लिए कारसेवा की घोषणा के बाद पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी सतर्क हो गया है। बुधवार को वरिष्ठ अधिकारी गोवर्धन के जुल्हैंदी स्थित श्रीचित्रगुप्त पीठ पहुंचे। यहां पीठाधीश्वर स्वामी डा. सच्चिदानंद महाराज से कारसेवा का कार्य रोकने को कहा।
कहा कि इससे माहौल बिगड़ेगा। पीठाधीश्वर ने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने उन्हें धमकी भी दी। गुरुवार को पत्थर भी राजस्थान से आएंगे। उन्होंने कहा कि हम औ अगस्त को वरिष्ठ साधु-संतों की उपस्थिति में शिलापूजन जरूर करेंगे।
पीठाधीश्वर स्वामी डा. सच्चिदानंद महाराज ने जुलाई में घोषणा की थी कि वह श्रीकृष्ण जन्मस्थान मुक्ति के लिए अयोध्या के राम मंदिर की तरह कारसेवा करेंगे। विवादित स्थल का गुंबद भी तोड़ने की घोषणा की। उन्हें अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के संतों का भी समर्थन मिला। पहले नौ अगस्त को जन्मस्थान पर कारसेवा की घोषणा हुई, लेकिन बाद में कांवड़ यात्रा को देखते हुए कारसेवा की तिथि स्थगित कर दी गई।
डा. सच्चिदानंद महाराज ने नौ अगस्त को अपने जुल्हैंदी स्थित आश्रम पर जन्मस्थान पर नया मंदिर बनाने के लिए जिन पत्थरों का उपयोग होना है, उसका शिलापूजन करने की घोषणा की। इसके लिए उन्होंने राजस्थान के बंशी पहाड़पुर से पहली खेप के पांच हजार घनमीटर गुलाबी पत्थर भी मंगाए। यह पत्थर गुरुवार को आश्रम पहुंचेंगे।
नौ अगस्त को शिलापूजन के साथ आश्रम में कार्यशाला का शुभारंभ होगा, जहां पत्थर तराशे जाएंगे। इस घोषणा के बाद बुधवार को एडीएम प्रशासन अमरेश कुमार और एसपी देहात सुरेश चंद्र रावत आश्रम पहंचे। उन्होंने डा. सच्चिदानंद महाराज को बताया कि श्रीकृष्ण जन्मस्थान का मामला न्यायालय में विचाराधीन है। इसलिए यह गतिविधि ठीक नहीं है।
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उन्होंने कारसेवा की प्रक्रिया रोकने को कहा। करीब एक घंटे तक उनसे वार्ता के बाद अधिकारी वापस लौट आए। उधर, डा. सच्चिदानंद महाराज ने कहा कि अधिकारियों ने कारसेवा का काम रोकने को कहा है। उन्हें धमकी भी मिली है। लेकिन हम अपने आश्रम के अंदर नौ अगस्त को संतों की उपस्थिति में शिलापूजन जरूर करेंगे।
श्रीकृष्ण जन्मस्थान का मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है। ऐसे में सौहार्द बना रहे, इसलिए आश्रम में जाकर पीठाधीश्वर से शिलापूजन रोकने को कहा गया है। उन्हें किसी प्रकार की धमकी नहीं दी गई है।
-सुरेश चंद्र रावत, एसपी देहात