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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 01, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    200 साल बाद सनातन धर्म में वापसी, मुस्लिम परिवार के 8 सदस्य बने हिंदू; अपने नाम भी बदले

    Updated: Thu, 01 May 2025 09:12 PM (GMT+05:30)

    वृंदावन में दो सौ साल बाद एक मुस्लिम परिवार के आठ सदस्यों ने हिंदू धर्म अपनाया। हिंदू युवा वाहिनी ने इस कार्यक्रम का आयोजन किया जिसमें मंत्रोच्चारण और ...और पढ़ें

    मुस्लिम परिवार के आठ सदस्यों ने सनातन धर्म में की घर वापसी
    मुस्लिम परिवार के आठ सदस्यों ने सनातन धर्म में की घर वापसी

    संवाद सहयोगी, वृंदावन। वृंदावन में दो सौ वर्ष बाद एक मुस्लिम परिवार के आठ सदस्यों ने सनातन धर्म में वापसी कर ली। हिंदू युवा वाहिनी द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मंत्रोच्चारण के बीच हवन पूजा हुआ और तब परिवार ने घर वापसी की। उनका कहना है कि दो सौ वर्ष पहले उनके पूर्वज गुर्जर थे, लेकिन परिस्थतियोंवश उन्होंने इस्लाम कुबूल लिया। अब राधाकृष्ण को अपना आराध्य मान सेवा करेंगे।

    महावन क्षेत्र के गांव डहरुआ निवासी 50 वर्षीय जाकिर खान मजदूरी करते हैं। काफी समय से वह सनातन धर्म में वापसी करना चाहते थे। उनका कहना है कि उनके पूर्वज मथुरा के ही शेरगढ़ क्षेत्र के गांव अस्तौली में रहते थे। पहले पूर्वज गुर्जर थे, लेकिन बाद में इस्लाम धर्म कुबूल कर लिया।

    करीब बीस वर्ष पहले वह डहरुआ गांव में आकर रहने लगे। उन्होंने अपने मिलने वालों से घर वापसी की इच्छा जताई। कई दिनों से यह प्रक्रिया चल रही थी। गुरुवार को हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं के साथ पुराना कालीदह क्षेत्र स्थित श्रीजीवाटिका में भागवत आश्रम में भागवत आचार्य संजय कृष्ण भैया के सानिध्य में घर वापसी की।

    धर्म परिवर्तन नाम में भी किए बदलाव

    आचार्य भगवत प्रसाद तिवारी, रविकांत तिवारी, खेलनकृष्ण शास्त्री ने विधिविधान से हर-हर महादेव व ठाकुर राधाकृष्ण के जयकारों के बीच परिवार के सभी सदस्यों की शुद्धि कराई उसके बाद मध्य हवन किया गया। धर्म परिवर्तन के समय परिवार के सभी सदस्यो के मन के अनुरूप उनके हिंदू नाम भी रखे गए। 50 वर्षीय जाकिर खान ने अपना नाम जगदीश रखा, तो उनकी 45 वर्षीय पत्नी गुड्डी से गुड़िया बन गईं। 35 वर्षीय रणवीर रामेश्वर बने।

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    30 वर्षीय बेटे अनवर का नाम अमित और बहू सायरा का नाम सावित्री रखा गया। सायरा के तीन बच्चों में नौ वर्षीय साबिर को शत्रुघ्न, नौ वर्षीय जोया को सरस्वती और पांच वर्षीय नेहा को अब स्नेहा के नाम से जाना जाएगा। उधर, सनातन धर्म अपनाने की जानकारी होने पर बड़े बेटे रणवीर की पत्नी अपने दो बच्चों को लेकर घर छोड़कर चले गई।

    जगदीश उर्फ जाकिर ने बताया कि वह अपने दो बच्चों को लेकर मायके वृंदावन आ गई। परिवार के लोग उसे समझाने का प्रयास कर रहे हैं कि सनातन धर्म ही उनका असली धर्म है। घर वापसी के समय वाहिनी के आकाश दुबे, मोनू पंडित, लक्षेंद्र त्रिपाठी, भोलू मौजूद रहे।

    घर वापसी से पहले प्रशासन को दी सूचना

    भाजपा नेता शरद सैनी ने बताया कि मुस्लिम परिवार एक वर्ष से उनके संपर्क में है। परिवार के सदस्यों की इच्छा घर वापसी की थी। सदस्यों ने पहले जिला प्रशासन को पत्र भेजकर यह इच्छा जताई। इसमें यह भी लिखा कि बिना किसी दबाव के वह सनातन धर्म घर में वापसी कर रहे हैं।