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    Diabetes Problem: 'मुझे शूगर है मैं क्या करूं?', एक्सपर्ट ने दिया आपके हर सवाल का जवाब; अब नहीं रहेगी कंफ्यूजन

    Updated: Wed, 20 Aug 2025 05:32 PM (IST)

    शारदा नारायण अस्पताल के डॉ. संजय सिंह ने बताया कि भागदौड़ भरी जीवनशैली के कारण शुगर की बीमारी बढ़ रही है। भारत में लाखों लोग इससे पीड़ित हैं। इसे नियं ...और पढ़ें

    हैलो डाक्टर .....जीवन शैली में हुए बदलाव का उपज है शूगर, इससे घबराएं नहीं समय-समय पर कराएं जांच
    हैलो डाक्टर .....जीवन शैली में हुए बदलाव का उपज है शूगर, इससे घबराएं नहीं समय-समय पर कराएं जांच

    HighLights

    1. जीवनशैली में बदलाव से बढ़ा शुगर का खतरा |
    2. शुगर नियंत्रण के लिए नियमित जांच जरूरी |
    3. हार्ट अटैक से बचने के लिए इको जांच कराएं |

    इस भाग-दौड़ की जिंदगी में लोगों के पास समय नही हैं। इसकी वजह से जीवन शैली में बदलाव आ गया है और शूगर की बीमारी तेजी से चलन में आई है। यह दो टाइप की होती है। टाइप एक जो शूगर के मरीज है। टाइप दो जो बार्डर लाइन पर हैं। पूरे भारत में टाइप एक के 110 मिलियन तथा टाइप दो के 136 मिलियन मरीज हैं।

    यह बातें बुधवार को दैनिक जागरण कार्यालय में आयोजित हैलो डाक्टर कार्यक्रम में शारदा नारायण अस्पताल के शूगर स्पेशलिस्ट व हृदय रोग विशेषज्ञ डा. संजय सिंह ने कही। बताया कि पूरी दुनिया की आबादी का 11.4 प्रतिशत लोग शूगर के मरीज हैं तथा 15.6 प्रतिशत प्री शूगर के मरीज है।

    बताया कि इसे नियंत्रित रखने के लिए समय-समय पर इसकी जांच कराने के साथ ही अपनी जीवन शैली में बदलाव के अधिक मीठा, फास्ट फूड व तनाव से दूर रहें। इसके अतिरिक्त भोजन करने के पश्चात कम से कम 300 कदम सुबह-शाम टहलें।

    हर रोज कम से कम आठ घंटे की नींद लें तथा नियमित योग व प्राणायाम करते रहें। क्योंकि शूगर को केवल दवा से नियंत्रित नहीं किया जा सकता। इसके लिए अनुशासित ढंग से जीवन जीना होगा। बताया बताया कि आज कल तेजी से कम उम्र के लोगों को हार्ट अटैक आ रहा है। इसके आने पर मनुष्य कार्डियक अरेस्ट हो जाता है। इससे बचाव के लिए इको कार्डियक की जांच कराते रहना चाहिए।

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    प्रस्तुत है डाक्टर से बातचीत के कुछ अंश

    सवाल : मेरे पिता को शूगर हैं। मैं क्या करूं की मुझे शूगर न हो और पिता जी भी स्वस्थ रहें ? राजीव कुमार मरदह।

    जवाब : इसे दूसरी पीढ़ी में प्रवेश करने से अब रोक पाना संभव नहीं है। इसके लिए आपको अपनी दिनचर्या को ठीक रखने के साथ ही संयमित भोजन व योग प्राणायाम करते रहना होगा। केवल दवा पर निर्भर न रहें।

    सवाल : मेरे बेटे के पेट में सूजन हा गया है। इसके चलते बराबर दर्द बना रहता है, क्या करूं ? खुश्बू पाठक जौनपुर।

    जवाब : इनकी जांच कराने के पश्चात ही बताया जा सकता है कि इन्हें किस प्रकार की समस्या है। इन्हें टायपोन डायबिटीक होने की संभावना है। अगर जांच में यह निकलता है तो इन्हें इंसूलीन देना पड़ेगा।

    सवाल : मेरी जेठानी को एक वर्ष से शूगर है। जांच कराने पर शूगर 300 के पार ही रहता है, क्या करूं ? बिंदा, सवना।

    जवाब : इनकी पहले एचबीएवनसी की जांच कराएं। इसके पश्चात भोजन व वजन को नियंत्रण में रखने के बाद दवा भी बंद की जा सकती है।

    सवाल : मुझे बुखार हो गया था। दवा खाने के पश्चात ठीक हो गया है लेकिन अब मुंह में छाले पड़ गए है क्या करूं? धीरज प्रजापति रतनपुरा।

    सवाल : मैने अचानक से अपना शूगर चेक कराया। एकाएक बढ़ा हुआ निकला। क्या करना चाहिए ? अरविंद कुशवाहा रतनपुरा।

    जवाब : इससे घबराने की जरूरत नहीं है। सुबह उठ कर योग प्राणायाम करें, शरीर से मोटापा व कोलेस्ट्राल को कम करने के साथ ही संयमित भोजन लें आराम रहेगा।

    इन्होंने पूछे सवाल : किशन कुमार पाठक आजमगढ़, हरीश कुमार सिंह कोपागंज, अभय कुमार रानीपुर, पुरुषार्थ सिंह ताजोपुर, जितेंद्र सिंह बलिया, आकांक्षा पांडेय मखुनी, जूही सिंह बाराचंवर, श्वेता गाजीपुर, आशीष सिंह गाजीपुर, तारकेश्वर सिंह पलिया, आशीष सिंगेरा, परमार्थ प्रकाश सिपाह, रोली सिंह बेल्थरा।