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    मऊ में बाढ़ और आपदा से निपटने के लिए प्रशासन तैयार, 1.97 करोड़ मंजूर; 30 चौकियां भी होंगी स्थापित

    Updated: Mon, 29 Jun 2026 02:43 PM (IST)

    मऊ में बाढ़ और आपदा से निपटने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है, जिसके लिए 1.97 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। जिले में 30 बाढ़ चौकियां और 13 शरणालय बनाए ...और पढ़ें

    बाढ़ और आपदा से निपटने के लिए प्रशासन तैयार।

    बाढ़ और आपदा से निपटने के लिए प्रशासन तैयार।

    HighLights

    1. मऊ में बाढ़-आपदा से निपटने को 1.97 करोड़ मंजूर।

    2. 30 बाढ़ चौकियां, 13 शरणालय बनाने की तैयारी।

    3. सरयू नदी के 51 गांव बाढ़ से होते प्रभावित।

    जागरण संवाददाता, मऊ। बाढ़ व आपदा से निबटने के लिए प्रशासन पूरी तरह कमर कस कर तैयार है। शासन की तरफ से 1.97 करोड़ रुपये मंजूर किया गया है। इसमें बाढ़ मद में 1.23 करोड़ व आपदा मद में 74 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत है। मानसून शुरू हो गया है। ऐसे में बाढ़ के प्रभावित इलाकों पर प्रशासन नजर गड़ाए हुए हैं।

    साथ ही सिंचाई विभाग को अलर्ट रहने का निर्देश जारी कर दिया गया है। यही नहीं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए 30 बाढ़ चौकियां व 13 बाढ़ शरणालय बनाने की तैयारी की जा रही है। यही नहीं राशन किट व लंच पैकेट तैयार किया जा रहा है। ताकि अचानक आने वाली बाढ़ व आपदाओं से निबटा जा सके।

    सरयू की बाढ़ के कारण घोसी एवं मधुबन तहसील के कुल 51 गांवों की जनता प्रभावित होती है। इसमें अवरादाड़, चिउटीडाड़, नई बस्ती, सरहरा जमीन सरहरा, ब्रह्मचारी बाबा की कुटी, मुक्तिधाम, रामघाट, मनौली रामपुर आदि शामिल है।

    सबसे ज्यादा मधुबन तहसील के गांव प्रभावित होते हैं। यही नहीं सरयू की बाढ़़ से जनधन की काफी हानि होती है। इसे देखते हुए प्रशासन की तरफ से तैयारी की जा रही है। यही नहीं जिलाधिकारी दोहरीघाट मुक्तिधाम स्थित कटान स्थल सहित कई क्षेत्रों का निरीक्षण कर जायजा ले चुके हैं।

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    इसके साथ ही सिंचाई विभाग को आवश्यक दिशा निर्देश दे चुके हैं। अब मानसून सिर पर है। ऐसे में सिंचाई विभाग द्वारा कंट्रोल रूम आदि बनाने को निर्देश दिए गए है। आपदा से जन धन की हानि कम करने के लिए लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है।

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    आपदा पीड़ितों को पिछले वर्ष 1.04 करोड़ की दी गई धनराशि

    पिछले वर्ष आपदा से 26 लोगों की मौत हुई थी। इसमें सर्पदंश से छह, डूबने से 17 व वज्रपात से तीन लोगों की मौत हुई थी। इन्हें सरकार की तरफ से चार-चार लाख रुपये की दर से एक करोड़ चार लाख रुपये दिया गया था।

    अब तक आपदा से नौ की हुई मौत

    इस वर्ष अभी तक आपदा से नौ लोगों की मौत हुई है। इसमें सर्पदंश से दो, वज्रपात से एक, डूबने से पांच लोगों की मौत हुई थी। इसके साथ ही एक की मौत नीलगाय के मारने से हुई थी। इन्हें सरकार की 36 लाख रुपये मुआवजा दिया गया।
    इसके साथ ही पशु हानि के रूप में नौ लोगों को तथा मकान क्षति के रूप में नौ लोगों को राहत प्रदान किया गया।

    आपदा पीड़ितों के लिए सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। किसी भी जन की हानि होने पर उसे परिवार को चार लाख रुपये की सहायता उपलब्ध कराई जाती है। आपदा से मौत पर तत्काल प्रशासन को सूचित करें। सभी प्रशासनिक तैयारियां कर ली गई हैं। मानसून की दस्तक को देखते हुए अधिकारियों व कर्मचारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया है। -प्रवेंद्र कुमार, अपर जिलाधिकारी मऊ।